मुरादाबाद। पुलिस अकादमी से शुक्रवार को पास आउट हुए 34 डिप्टी एसपी में नौ महिला अफसर हैं। कर्तव्यनिष्ठा की शपथ लेकर इन बेटियों ने बेबाक अंदाज में अपनी बात रखी। कहा कि पीड़ितों को न्याय और अपराधियों को सजा दिलाने के लिए हमें हर तरह की ट्रेनिंग दी गई है। अपने तैनाती क्षेत्र में हम ऐसा माहाैल बनाएंगे कि थाने आने में पीड़ितों और खासकर महिलाओं को कोई झिझक न हो।
अमरोहा निवासी दीप शिखा को पहली तैनाती झांसी में मिली है। उनका कहना है कि यहां तक पहुंचने में परिवार ने बहुत साथ दिया है। अब हमारी जिम्मेदारी है कि हम समाज की सुरक्षा करें और पीड़िता को न्याय दिलाएं। महराजगंज जिले की रहने वाली आकांक्षा गौतम ने कंप्यूटर इंजीनियर में बीटेक किया है। उन्होंने बताया कि साइबर अपराध आज बड़ी चुनाैती है। हमें ट्रेनिंग के दौरान साइबर अपराध से निपटने के लिए बहुत कुछ सिखाया गया है।
उन्होंने कहा कि साइबर अपराध में लिप्त लोगों को सलाखों के पीछे पहुंचाया जाएगा। प्रयागराज की अपूर्वा पांडेय ने कहा कि पीड़ित और असहाय लोगों की हर संभव मदद की जाएगी। संतकबीरनगर की रहने वाली प्रभा पटेल को शामली में पहली तैनाती मिली है। उनका कहना है कि वह जिस सर्किल में भी तैनात रहेंगी, वहां ऐसा माहौल बनाएंगी की लोग थाने आने से न डरें और पुलिस को अपनी समस्या बताएं। उनका मानना है कि कई बार लोग उत्पीड़न का शिकार होने के बावजूद पुलिस के पास जाने से डरते हैं। ऐसे में उन्हें न्याय नहीं मिल पाता है।
गायत्री यादव ने कहा कि कानून व्यवस्था कायम कराने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। आकृति पटेल ने कहा कि अपराधियों से सख्ती से निपटा जाएगा। प्रतिज्ञा सिंह ने कहा कि यह सोशल मीडिया का दौर है। लोग सोशल मीडिया पर अधिक बातों को शेयर करते हैं। इससे साइबर अपराधियों का शिकार हो जाते हैं। कानून व्यवस्था कायम करने के साथ ही लोगों को साइबर सुरक्षा के प्रति भी जागरूक किया जाएगा।
सर्वांग सर्वोत्तम ::: चार नौकरी कीं, फिर पूरा हुआ वर्दी का सपना
मूलरूप से सुल्तानपुर के रामनाथपुर के रहने वाले गाैरव उपाध्याय का परिवार दिल्ली में रहता है। उनके पिता ब्रह्म प्रकाश उपाध्याय नई दिल्ली के नवयुग स्कूल में प्रधानाचार्य हैं। मां अनीता उपाध्याय गृहिणी हैं। पत्नी अपूर्वा पाठक एचसीएल में सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं। गौरव बताते हैं कि उन्होंने पहले दिल्ली आबकारी विभाग में नौकरी की। इसके बाद वह खाद्य एवं सुरक्षा में चयनित हो गए, लेकिन उन्हें वर्दी पहनकर अफसर बनना था। इसलिए उन्होंने अपनी तैयारी जारी रखी और यूपी-पीसीएस में 2023 में डिप्टी एसपी के लिए चयनित हो गए। गौरव उपाध्याय को सर्वांग सर्वाेत्तम चुना गया। उन्हें पहली तैनाती बदायूं में मिली है।
इंडोर टॉपर ::: ट्रेनिंग से पहले सिर से उठा पिता का साया, आकांक्षा ने नहीं हारी हिम्मत
इंडोर ट्रेनिंग में टॉपर रहीं आकांक्षा गौतम महाराजगंज जिले के फरेंदा क्षेत्र की नगर कॉलोनी की रहने वाली हैं। उन्हें चंदौली में पहली तैनाती मिली है। कंप्यूटर साइंस में बीटेक आकांक्षा ने बताया कि उनकी मां सुशीला गौतम गोरखपुर में स्टाफ नर्स हैं। उनके पिता रमाकांत एलआईसी में नौकरी करते थे। आकांक्षा की ट्रेनिंग शुरू होने के एक माह पहले ही बीमारी के कारण पिता का निधन हो गया था। पिता की माैत से आकांक्षा टूट गई थीं, लेकिन मां और भाई डॉ. गौरव गौतम ने उन्हें हिम्मत दी। इसके बाद वह ट्रेनिंग पर आईं। आकांक्षा ने कहा कि आज मैं डिप्टी एसपी बन गईं हूं। पिता की कमी महसूस हो रही है, लेकिन खुशी इस बात है कि आज पिता का सपना साकार हो गया। वह चाहते थे कि मैं पुलिस अफसर बनूं और वर्दी पहनकर पीड़ितों को न्याय दिलाऊं। आकांक्षा का सपना आईपीएस अफसर बनने का है। उन्होंने कहा कि वह पढ़ाई जारी रखेंगी।
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आउटडोर टाॅपर::: अफसर बन पूरा किया पिता का सपना
गाजियाबाद के विजय नगर निवासी अवनीश कुमार सिंह के पिता उमेश कुमार सिंह कारोबारी हैं। अवनीश कुमार ने 2021 में बीटेक किया। इसके बाद वह यूपी-पीसीएस की तैयार में जुट गए। 2023 में अवनीश को सफलता मिली। अवनीश बताते हैं कि पिता का सपना था कि मैं पुलिस अफसर बनूं। पिता ने हर मोड़ पर मेरा साथ दिया। अवनीश सिंह को आउटडोर ट्रेनिंग में टाॅपर चुना गया। उन्हें एटा में पहली तैनाती मिली है।