विवेचना के दौरान सात लोग जिनमें सतीश मदान सागर बन्दूला, विनोद ककड़, बंटी मलिक, सोनिया कोहली, आशा सचदेवा, व अमरजीत कौर के नाम घटना में सामने आए जिनके खिलाफ चार्जशीट अदालत में दाखिल की गई। उक्त मुकदमे की सुनवाई विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी (पीए) संध्या चौधरी की अदालत में की गई। जिसमें बचाव पक्ष का कहना था कि घटना का कोई प्रत्यक्ष गवाह नहीं है, उन्हें झूठा फंसाया गया है।
वहीं विशेष लोक अभियोजक आनंदपाल सिंह ने अदालत को बताया कि मुकदमे के आरोपियों ने ही घटना को अंजाम दिया है। जिनके खिलाफ 19 गवाहों ने अदालत के समक्ष उपस्थित हो कर इनके खिलाफ बयान दर्ज कराए हैं। जिन्होंने स्पष्ट कहा है कि घटना में आरोपी शामिल हैं, जिन्होंने इस घटना को अंजाम दिया है। अदालत ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद पत्रावली पर मौजूद सबूतों के आधार पर आरोपियों को घटना का दोषी करार देते हुए सतीश मदान, सागर बन्दूला, विनोद ककड़, बंटी मलिक, सोनिया कोहली, आशा सचदेवा, व अमरजीत कोर को आजीवन कारावास की सजा के साथ साथ प्रत्येक पर एक लाख सात हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।