मुरादाबाद। भावों की अभिव्यक्त करने की कला नृत्य अब लोगों के लिए सिर्फ शौक नहीं रहा, बल्कि जीवन में विभिन्न कारणों से उत्पन्न तनाव को दूर करने का जरिया बन रहा है। मुरादाबाद शहर में ऐसे कई उदाहरण हैं जब लोगों ने तनाव दूर करने के लिए डांस क्लास ज्वाइन की। आज नृत्य उनके जीवन का हिस्सा बन गया है। लोग इसे योग की तरह अपनी दिनचर्या में शामिल कर रहे हैं।
मनोविशेषज्ञ डॉ. मीनू मेहरोत्रा का कहना है कि तनाव को दूर करने के लिए संगीत और डांस थेरेपी बेहद कारगर है। कई स्थानों पर डिप्रेशन के शिकार लोगों के इलाज के लिए इसे उपयोग किया जा रहा है। नृत्य के बाद पसीना निकलने से शरीर से काफी हानिकारक तत्व दूर हो जाते हैं। खुशी बढ़ाने वाले हॉर्मोंस विकसित होते हैं। ऐसी स्थिति में मन ओर शरीर दोनों को स्वस्थ रहते हैं। मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. नीरज गुप्ता कहते हैं कि यह एकमात्र ऐसा माध्यम है जो किसी भी आयु वर्ग के व्यक्ति को तनाव से मुक्त कर सकता है। बशर्ते व्यक्ति को इसके लिए फिट होना चाहिए। यदि नृत्य अच्छा हो तो इसे करने वाला ही नहीं, बल्कि देखने वाला व्यक्ति भी तनाव मुक्त हो जाता है।