गाजियाबाद में नौकरी के दौरान साइबर अपराधियों के संपर्क में आया युवक
अब्दुल्लापुर के जिस युवक की तलाश में सीबीआई जुटी है, वह गाजियाबाद में रहकर प्राइवेट नाैकरी करता था। इसी दौरान वह साइबर ठगों के संपर्क में आ गया। इसके बाद उसने गाजियाबाद से नौकरी छोड़ दी और गांव में आकर रहने लगा। इस दौरान उसने अपने संपर्क में अन्य लोग भी जोड़ लिए। सूत्रों का दावा है कि उसने ही लोगों के बैंक खाते साइबर ठगों तक पहुंचाए।
युवक से पूछताछ में उसके संपर्क में रहने वाले अन्य लोगों के बारे में भी जानकारी मिल सकती है, इसलिए टीम उसकी तलाश में जुटी है। बताया जा रहा है कि युवक के गायब होने के बाद से तीन अन्य युवक भी गायब हैं। वह भी संदिग्ध साइबर ठग के संपर्क में रहते थे।
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दो साल पहले युवक को ले गई थी कोलकाता और दिल्ली पुलिस
करीब दो साल पहले कोलकाता और दिल्ली पुलिस की टीमों ने अब्दुल्लापुर गांव में दबिश दी थी। उस समय टीम युवक को उठाकर अपने साथ ले गई थीं। तब भी करोड़ों रुपये की साइबर ठगी के मामले में युवक को पुलिस ने पकड़ा था। युवक पर आरोप है कि उसने लोगों को तीन से चार हजार रुपये का लालच देकर खाते खुलवाए थे।
बेटे पर ठगी के आरोप को बताया साजिश
गांव अब्दुल्लापुर निवासी एक ग्रामीण ने अपने बेटे पर साइबर ठगी करने के आरोप से इन्कार किया है। ग्रामीण का आरोप है कि उसके बेटे को फंसाया जा रहा है। उसने कोई साइबर ठगी नहीं की है। यह काम तो बड़े अपराधी ही कर सकते हैं। ग्रामीण ने जांच प्रक्रिया के बारे में कुछ भी बताने से इन्कार कर दिया। वहीं दूसरे ग्रामीण भी बैंक खातों में धनराशि आने की जानकारी पर चुप्पी साधे रहे, उनका कहना कि हमें इस बारे में पता नहीं हैं।