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साइबर क्राइम: पहले ताकत से लूटते थे, अब दिमाग से खाली कर रहे बैंक एकाउंट.. इन तरीकों पढ़कर चौंक जाएंगे

Mon, 04 Mar 2024 03:01 PM IST
विमल शर्मा जितेंद्र कुमार, मुरादाबाद

सार

बदलते दौर में ठगों ने लोगों के एकाउंट खाली करने के नए तरीके इजाद कर लिए हैं। वह लोगों को स्कीमों समेत इनाम का झांसा देकर उनको चूना लगा रहे हैं। हाईटक तकनीक का इस्तेमाल करने के कारण वह जल्द पुलिस पकड़ में भी नहीं आ रहे हैं। 
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साइबर ठगी के मामले। (फोटो ःप्रतीकात्मक)
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विस्तार
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हाईटेक दौर में अब अपराध का तरीका भी बदला है। पहले बदमाश हथियारों के बल पर डरा, धमकाकर लूट, डकैती करते थे, लेकिन अब वह हाईटेक दौर में इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की मदद और नई-नई तकनीक के जरिए लोगों के खातों से आसानी से रकम उड़ा रहे हैं। वे जल्दी पुलिस की पकड़ में भी नहीं आ रहे हैं।

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लोगों को भी खाते से रुपये निकल जाने पर तब पता लगता है, जब उनके मोबाइल पर खाते से रकम कटने का संदेश आता है। हाईटेक दौर में साइबर ठग नई-नई तकनीक अपना कर लोगों की मेहनत की कमाई को लूट रहे हैं। इसके लिए उन्होंने दूसरे राज्यों में जाकर ठगों के गैंग में शामिल होकर साइबर ठगी करना सीखा।

मुरादाबाद में तीन साल में पकड़े गए साइबर अपराधियों में दस ऐसे भी अपराधी सामने आए हैं, जो पहले दूसरे तरह के अपराध करते थे। इन आरोपियों ने पुलिस की पूछताछ में कबूला था कि साइबर अपराध में पकड़े जाने का रिस्क कम है। चोरी लूट की घटनाओं में पकड़े जाने का डर हमेशा बना रहता है। इसलिए अपराधी अब पुलिस से बचने के लिए साइबर ठगी की ओर रुख कर रहे हैं।

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लूट व चोरी छोड़कर करने लगा साइबर ठगी

दो साल पहले साइबर थाने की पुलिस ने बिहार के साइबर ठग राकेश को गिरफ्तार किया था। उसने नौकरी लगवाने के नाम पर एक युवक से साइबर ठगी की थी। पुलिस उसके बैंक खाते और मोबाइल सिम डिटेल के जरिए उस तक पहुंची थी। पूछताछ में पता चला था कि ठग ने पहले चोरी और लूट की घटनाएं की थी। जेल से छूटने के बाद उसने साइबर ठगी शुरू कर दी थी।

राजस्थान जाकर साइबर ठगों के गैंग में शामिल हुआ युसूफ

दो माह पहले मुरादाबाद में साइबर ठगों का गैंग पकड़ा गया था। इस गिरोह में यूसुफ नाम का ठग भी शामिल था। मुरादाबाद निवासी ठग युसूफ ने कबूला था कि वह राजस्थान के भरतपुर जाकर साइबर ठगों के गैंग में शामिल हो गया था। इसके बाद उसने गैंग के सरगना के इशारे पर लोगों को ठगना शुरू कर दिया था।

अश्लील वीडियो बनाकर लोगों से शुरू कर दी थी ठगी

तीन साल पहले गलशहीद पुलिस ने राजस्थान के साइबर ठग को पकड़ा था। ठग ने मुरादाबाद के एक व्यापारी से व्हाट्सएप पर कॉल की थी। आरोपी ने एक दूसरे मोबाइल पर अश्लील वीडियो चलाकर व्यापारी का वीडियो बना लिया था। इसके बाद ठग ने व्यापारी से ठगी की थी। विजेंद्र नाम के ठग ने बताया था कि वह चोरी के मामले में जेल जा चुका है। पुलिस से बचने के लिए अपराध करने का तरीका बदला है। लोग बदनामी के डर में पुलिस से शिकायत नहीं करते हैं। इसलिए उसने यह तरीका अपनाया है।

महादेव बेटिंग एप पर कार्रवाई हुई तो शुरू कर दिया अपना धंधा

साइबर अपराध थाने की पुलिस ने 12 फरवरी को छत्तीसगढ़ का साइबर ठग पकड़ा था। इस गैंग में सरगना समेत सात आरोपी शामिल थे। गिरोह के सरगना सूरज कुमार वर्मा ने बताया था कि वह अपने साथी के साथ गुरुग्राम में सेक्टर 57 में महादेव बेटिंग एप पर आईडी बनाकर गेम खिलवाकर साइबर ठगी करता था। वहां पुलिस ने दबिश दी तो हम लोग वहां से भागकर छत्तीसगढ़ में जाकर छिप गए थे। इसके बाद उसने अपने साथी अंकित चौधरी, जयशंकर राव, पंकज शाहू, भूपेंद्र सिंह चौहान, पवन कुमार यादव, जय कुमार विश्वकर्मा को टीम में शामिल कर साइबर ठगी शुरू कर दी थी।

मजदूरों के खाते में मंगवाते थे रकम, डेबिट कार्ड अपने पास रखते थे

साइबर ठगी करने वाले गिरोह रकम सीधे अपने खाते में नहीं मंगवाते हैं। इसके लिए वह फैक्टरी और ईंट भट्ठों पर मजदूरी करने वाले लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए उनके आधार कार्ड ले लेते हैं। इस आधार कार्ड और अन्य दस्तावेज के जरिए बैंकों में खाता खुलवा लेते हैं। जिसका डेबिट कार्ड अपने पास रखते हैं। रकम आते ही दूसरे खाते में ट्रांसफर कर देते हैं।

साइबर ठगी से बचने के तरीके

- किसी भी तरह के ऑफर और लालच में न आएं
- अंजान नंबर से आने वाली कॉल से कोई बात करें तो उसके बहकावे में न आएं
- अच्छी तरह जांच पड़ताल करने के बाद ही किसी भी बैंक खाते में रकम ट्रांसफर करें
- फेसबुक, इंस्टाग्राम, एक्स पर बनी आईडी का पासवर्ड स्ट्रांग रखें, सरल पासवर्ड न रखें
- कोई अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकी दे तो पुलिस को सूचना दें

तीन साल में चोरी, हत्या और डकैती की वारदातों में आई कमी

पिछले तीन साल में लूट,चोरी और डकैती की वारदातों में तीस फीसदी तक कमी आई है। हालांकि महिला अपराधों में कोई अंतर नहीं है। जनपद में साल 2021 में 50 हत्या के मामले दर्ज किए गए थे, जबकि साल 2022 में 35, वहीं साल 2023 में जिले में हत्या के कुल 45 मामले दर्ज किए गए हैं। लूट की मात्र नौ ही घटनाएं हुई हैं।

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साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहा है। दूसरे अपराधों में शामिल रहे अपराधी भी अब साइबर अपराध की ओर रुख कर रहे हैं। पिछले दिनों पकड़े गए कई अपराधी ऐसे भी मिले हैं, जिन्होंने पहले दूसरी घटनाएं की हैं। उनसे पूछताछ में पता चला कि वह फोन कॉल के जरिए ही लोगों को लालच देकर और वीडियो व मैसेज वायरल करने की धमकी रकम ट्रांसफर करा लेते हैं। अगर लोग जागरूक रहें और किसी लालच व डर में आकर अपने खाते की डिटेल नहीं बताएंगे तो साइबर अपराध से बचें रहेंगे। -हेमराज मीना, एसएसपी

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