गाजियाबाद के होटल में छोड़े सुसाइड नोट में कमल चौहान ने लिखा है कि, बैंक मैनेजर राजेश सिंह ने 22 अप्रैल 2016 को दिल्ली रोड पर उसे और उसके दोस्त राजीव शर्मा को गोली मार दी थी। घटना में राजेश सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था।
सुसाइड नोट में कमल ने कहा है कि राजेश अपने खिलाफ दर्ज इसी मुकदमे को वापस लेने के लिए उस पर व उसके दोस्त राजीव पर दबाव बना रहा था। सुसाइड नोट में कमल ने लिखा है कि, राजेश ने उसे धमकी दी थी कि समझौता कर ले नहीं तो गंगाजल फिल्म की तरह तुझे और तेरे परिवार को तबाह कर दूंगा।
सुसाइड नोट में उसने आगे लिखा है, ‘..नौ दिसंबर को मेरे बॉस के बेटे की शादी थी.. शुक्रवार की रात तब मैं गाड़ी पार्क कर रहा था तो वहां एक आदमी पहुंचा था.. उसने कहा कि मैं राजेश से समझौता कर लूं..धमकाया कि फैसला अभी करोगे या कुछ होने के बाद.. लेकिन मैं शादी में व्यस्त था.. उसकी बात को नजरअंदाज कर गया.. बाद में डांस के दौरान वह आदमी दोबारा मेरे पास पहुंचा।
मैं हर्ष फायगिं कर रहा था.. लेकिन इसी बीच उस आदमी ने मेरा हाथ हिला दिया.. जिससे रिवाल्वर की रुख बदल गया और गोली चल गई’। राजेश बहुत पावरफुल है, राजनीति से लेकर पुलिस तक में उसके कई रिश्तेदार ऊंची पॉजिशन पर हैं। महज दो माह में उसे जमानत मिल गई।
सुनील.. मैं सुसाइड करने जा रहा हूं
बुद्धि विहार निवासी ट्रैवल्स एजेंसी संचालक सुनील शर्मा उर्फ सुनील पंडित से कमल चौहान की गहरी दोस्ती थी। 22 अप्रैल जब कमल को गोलियां लगी थीं तब भी उसने सुनील को ही फोन किया था। शनिवार को शाम 5:58 बजे कमल ने सुनील को फोन किया। कमल ने सुनील से कहा कि उसे नहीं पता कि कैसे हर्ष फायरिंग हुई और कैसे ऋषभ की मौत हो गई।
फोन पर कमल बेहद दुखी था। उसने कहा.. मुझे ऋषभ की मौत का बहुत अफसोस हैं। मैंने सब दीवार पर लिख दिया है.. मैं गाजियाबाद में हूं और सुसाइड करने जा रहा हूं। उसने करीब दो मिनट बात की। सुनील ने बताया कि इतना कहते ही कमल ने फोन काट दिया।
कॉल बैक किया तो उसका मोबाइल स्विच ऑफ था। इसके बाद सुनील तुरंत दौड़कर थाने पहुंचे और इंस्पेक्टर मझोला को पूरी बात बताई। पुलिस ने सर्विलांस से लोकेशन ट्रेस करने की बात कहकर सुनील को वापस भेज दिया। सुबह गाजियाबाद पुलिस से उसके सुसाइड करने की जानकारी मझोला पुलिस को मिली।
क्या है राजेश सिंह और कमल चौहान की अदावत
.. ये घटना 22 अप्रैल 2016 को दिल्ली रोड पर हुई थी। एक शादी समारोह में शामिल होने के लिए खुशहालपुर आया कमल चौहान अपने दोस्त एसी मैकेनिक राजीव शर्मा निवासी बुद्धि विहार के साथ बाइक से दिल्ली रोड पर निकला था।
चौधरी चरण सिंह चौक के पास इनकी बाइक को बुद्घि विहार निवासी एसबीआई के मैनेजर राजेश की कार की साइड लग गई थी। घटना को लेकर हुई कहासुनी के बाद गुस्साए बैंक मैनेजर राजेश सिंह ने अपने लाइसेंसी रिवाल्वर से कमल चौहान और उसके साथी पर पांच राउंड फायर किए थे।
जिसमें कमल को तीन और राजीव को एक गोली लगी थी। घटना में कमल चौहान की जान मुश्किल से बची थी और उसे चार माह तक बिस्तर पर रहना पड़ा था। इस घटना में राजेश और उसके साथियों पर रिपोर्ट हुई थी और पुलिस ने राजेश सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इन दिनों वह जमानत पर चल रहा है।