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सर! विधायक के इशारों पर नहीं नाचूंगा .. मुझे हटा दीजिए  

Wed, 07 Sep 2016 11:17 AM IST
उमेश शर्मा /अमर उजाला/मुरादाबाद
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अपराध - फोटो : demo
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 थाने के कामकाज में स्थानीय विधायक अनीसुर्रहमान की बेजा दखलंदाजी से आजिज एसओ कांठ अखिलेश प्रधान ने कप्तान को चिट्ठी भेजकर खुद को पद से हटाने का अनुरोध किया है। एसओ ने चिट्ठी में अपना दर्द बयां करते हुए लिखा है कि थानाध्यक्ष होने के नाते मैं विधायक के इशारों पर नहीं नाच सकता, ऐसा करने से पब्लिक का भरोसा पुलिस से उठ जाएगा। 
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जिले के तेज तर्रार थानाध्यक्षों में शुमार अखिलेश प्रधान ने मंगलवार सुबह कप्तान को भेजे खत में एक - एक विधायक की नाजायज सिफारिशों को पूरा कच्चा चिट्ठा भेजा है। एसओ ने खत में लिखा है कि विधायक पूरे थाने को अपने इशारों पर चलाना चाहते हैं, जो मुझे कतई मंजूर नहीं है। मुख्तारपुर नवादा में बिना अनुमति मसजिद के निर्माण का जिक्र करते हुए एसओ ने कहा है कि, इसके पीछे कांठ विधायक अनीसुर्रहमान ही थे। एसओ ने कहा है कि विधायक ने दबाव डाला कि मसजिद बनने दी जाए, लेकिन जब पुलिस ने नई परंपरा डालने से रोकी तो विधायक नाराज हो गए। 

दरअसल एसओ अखिलेश प्रधान और विधायक अनीसुर्रहमान के बीच अदावत पिछले एक महीने में चरम पर पहुंच चुकी है। एसओ ने चिट्ठी में कहा है कि विधायक की बेजा दखलंदाजी से कानून व्यवस्था को बनाए रखना मुश्किल हो गया है, क्योंकि पब्लिक का विश्वास उठता जा रहा है। विधायक खुलेआम पक्षपात करते हैं और पुलिस पर भी इसके लिए प्रेशर बनाते हैं। ताजा मामले में विधायक नवादा गांव के राजबीर को चोरी के झूठे मामले में जेल भेजने का दबाव बना रहे थे। विधायक के खिलाफ एसओ की इस चिट्ठी से पुलिस महकमे में हड़कंप की स्थिति है। 
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जो लोग गलत कामों में शामिल होते हैं वो खुद को बचाने के लिए इसी तरह दूसरों पर आरोप लगाते हैं। एसओ बताएं कि मैंने किसको जेल भिजवाया। मैं जनप्रतिनिधि हूं और मेरे पास लोग शिकायतें लेकर आएंगे तो संबंधित अधिकारियों को फोन करूंगा ही।  लेकिन इतना खराब आचरण कभी किसी थानाध्यक्ष का नहीं रहा। सप्ताहभर पहले मेरे पास कुछ लोग फरियाद लेकर आए थे तो मैंने उन्हें एसओ के पास भेजा था। फरियादियों को भगाने का हक उन्हें किसने दिया। मैंने एसएसपी को एसओ के आचरण के बारे में बताया है, कहीं सुनवाई नहीं होगी तो मुख्यमंत्री को सारी हकीकत बताएंगे। - अनीसुर्रहमान, विधायक कांठ।

मुख्तारपुर नवादा में बिना अनुमति विधायक ने मसजिद का निर्माण कराया और मुझ पर प्रेशर डाला कि मैं मसजिद बनने दूं। मैंने कार्रवाई की तो जबरन दूसरे पक्ष पर भी मुकदमे लिखवा दिए। बिना अनुमति गांव में मसजिद निर्माण की सूचना पुलिस को देने वालों को विधायक चोरी के झूठे मुकदमे में जेल भेजने का प्रेशर बना रहे हैं। ये मैं हरगिज नहीं करूंगा। बेजा राजनीतिक दबाव की वजह से मेरे लिए थाना चलाना मुश्किल हो गया है। किसी भी अपराधी को पकड़ो तो विधायक छोड़ने को दबाव बनाते हैं। विधायक चाहते हैं कि मैं उनके सभी मुखालिफों को जेल में ठूंस दूं और उनके चहेतों की थाने में खातिरदारी करता रहूं। थानाध्यक्ष के तौर पर मैं खुद को असहाय महसूस कर रहा हूं। मेरी अंतरात्मा अब इस अनुचित प्रेशर को और अधिक सहने की इजाजत नहीं देती। - अखिलेश प्रधान, थानाध्यक्ष कांठ।
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