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दिल्ली पुलिस का दरोगा बताकर कारोबारी से ठगी की कोशिश

Tue, 06 Sep 2016 11:00 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला/मुरादाबाद
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अपराध - फोटो : demo
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 दिल्ली पुलिस का दरोगा बताकर कर ठगों ने कारोबारी से ठगी की कोशिश की। उन्होंने ने कारोबारी को दिल्ली हाई कोर्ट से गिरफ्तारी वारंट जारी होने का डर दिखाकर ठगी करनी चाही। लेकिन कारोबारी ने जांच पड़ताल की पता तो ठगों का खेल पकड़ा गया। पीड़ित ने  सिविल लाइंस थाने में केस दर्ज करा दिया है। 
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सिविल लाइंस थानाक्षेत्र के आवास विकास कालोनी निवासी दीप अरोड़ा की रुद्रपुर में प्लास्टिक पैकेजिंग की फैक्ट्री है। उन्होंने सिविल लाइंस थाने में ओम प्रकाश थइइया, योगेश शर्मा और शमशाद के खिलाफ केस दर्ज कराया है। उन्होंने बताया कि 29 अगस्त 2016 को करीब पौने ग्यारह बजे उनके मोबाइल पर एक कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को दिल्ली पुलिस के हेड क्वार्टर से एसआई ओमप्रकाश थइइया बताया।

उन्होंने बताया कि दीप अरोड़ा के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट से गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया। उन्होंने पुलिलिया अंदाज में किसी दूसरे फोन पर आदेश दिया कि आरोपी अपनी अपनी लोकेशन पर है। गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जाए।ये सुनकर कारोबारी दीप अरोड़ा घबरा गए। उन्होंने कहा कि अगर उन्हें गिरफ्तारी से बचना है तो वह सरकारी वकील योगेश शर्मा से बात करें। उन्होंने किसी योगेश शर्मा का नंबर भी दिया।
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दीप ने जब इस नंबर पर बता कि तो योगेश शर्मा ने बताया कि उनकी आईडी पर मोबाइल नंबर जारी किया गया है। करीब 15331 रुपये का बिल जमा नहीं किया है। आरबीआई की ओर से केस दर्ज किया गया है।  अगर वह बचना चाहते हैं तो 20337 जमा करने होंगे। उन्होंने अपने एक परिचित को रकम लेकर चैंबर पर भेजने को तो खुद को वकील बताने वाला घबराने लगा। उसने रकम लेने से इंकार कर दिया।   सिविल लाइंस इंस्पेक्टर बीपी बालियान ने बताया कि ओम प्रकाश थइयया, योगेश शर्मा और शमशाद के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। घटना की जांच की जा रही है।  

गूगल से निकाला दिल्ली विजीलेंस के डीएसपी का नंबर
दीप अरोड़ा ने अपनी तहरीर में बताया कि शक होने पर उन्होंने गूगल पर दिल्ली विजीलेंस के डीएसपी का नंबर निकाला। उन्होंने कॉल कर जानकारी की तो पूरा मामला सामने आ  गया। डीएसपी ने दीप अरोड़ा का बताया कि ये नंबर पुलिस विभाग नहीं है। तब दीप ने दोबारा उस नंबर का कॉल की। उन्होंने बताया कि हाईकोर्ट में मित्र के भाई हैं। वह उनके रुपये भिजवा देंगे। लेकिन उसने बात काट दी और हड़काने लगा। इसके अलावा दिल्ली पुलिस के हेड क्वार्टर का पता पूछा बता नहीं पाया।   
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