सिविल लाइंस के दीन दयाल नगर में संदिग्ध हालात में एक सिपाही की मौत हो गई। सिपाही यहां किराये के मकान में रहता था और पिछले चार दिन से उसे किसी नहीं देखा था। जबकि उसका कमरा बंद था। सोमवार सुबह पार्क में टहल रहे लोगों ने बदबू आने पर पुलिस को सूचना दी।
तब पुलिस मौके पर पहुंची और दरवाजा खुलवाकर शव बाहर निकलवाया। सिपाही की लाश पूरी तरह से गल चुकी थी और कीडे़ भी पड़ गए थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उसकी मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया। जिस कारण विसरा सुरक्षित रख लिया गया है।
मूलरूप से अलीगढ़ जिले के लोधा थानाक्षेत्र के बिझेड़ा गांव निवासी भानू दत्त शर्मा मुरादाबाद में एडीएम सिटी के वाहन चालक हैं। उनका बड़ा बेटा जितेंद्र कुमार शर्मा (35) पुलिस विभाग में सिपाही था। वह पुलिस लाइन में तैनात था। जबकि छोटा बेटा रविंद्र शर्मा बैंक में फील्ड ऑफिसर है। जितेंद्र शर्मा दीन दयाल नगर में राकेश यादव के मकान में फर्स्ट फ्लोर पर किराये पर रहता था।
जितेंद्र की मां कृष्णा शर्मा और पिता दीन दयाल नगर में दूसरेे मकान में किराये पर रहते हैं। पिछले दो सितंबर से जितेंद्र शर्मा अपने कमरे से बाहर नहीं निकला थ। सोमवार सुबह पार्क में टहल रहे लोगों को बदबू महसूस हुई। तब उन्होंने आस पड़ोस के लोगों से बताया कि वह अपने अपने मकान चेक करें। शक होने पर जितेंद्र के कमरे को देखा गया। कमरे में फोल्डिंग पर जितेंद्र की लाश पड़ी थी।
चार दिन पुरानी होने के कारण लाश से बदबू आ रही थी। सूचना मिलने पर मां-बाप भी आ गए। पिता ने बताया कि जितेंद्र की पत्नी बबीता ने दहेज उत्पीड़न में केस दर्ज करा रखा था। बबीता बच्ची को लेकर अपने मायके में रहती है। जबकि जितेंद्र यहां अकेला ही किराये पर रहता था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है। विसरा सुरक्षित रखा गया है।
पत्नी ने दर्ज कराया था दहेज उत्पीड़न का केस
मुरादाबाद। भानू दत्त शर्मा ने बताया कि जितेंद्र शर्मा 2005 में पुलिस विभाग में सिपाही पद पर भर्ती हुआ था। 2009 में जितेंद्र की शादी अलीगढ़ के सुनारी रायपुर निवासी व ग्राम पंचायत अधिकारी सतीश चंद्र शर्मा की बेटी बबीता के साथ हुई थी। जितेंद्र की पांच साल की बेटी रूपिका है।
भानू दत्त शर्मा ने बताया कि जितेंद्र और बबीता का बैंक में संयुक्त खाता है। जिसमें से बबीता ने अपने पिता को साढ़े तीन लाख रुपये निकाल कर दे दिए थे। जानकारी होने पर जितेंद्र ने बबीता से बिना पूछे रुपये देने का कारण जानना चाहा। जिससे लेकर दोनों के बीच कहासुनी हो गई थी। तब जितेंद्र संभल के बनियाठेर थाने में तैनात था। बबीता ने बनियाठेर थाने में जितेंद्र के खिलाफ दहेज उत्पीड़न का केस दर्ज करा दिया था।
जहर देकर मेरे बेटे की हत्या की गई...
मुरादाबाद। एडीएम सिटी के वाहन चालक भानू दत्त शर्मा ने बताया कि जितेंद्र की हत्या की गई है। उन्होंने बबीता, उसके पिता सतीश चंद्र शर्मा और मां पर जहर देकर हत्या करने का आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि ये तीनों ही कमरे में आए हाेंगे और जहर देकर चले गए। अभी बेटे के शव के अंतिम संस्कार करने जा रहा हूं। अलीगढ़ से लौटने के बाद हत्या का केस दर्ज कराऊंगा
चार दिन से लाश की बदबू महसूस कर रहा था लाचार बुजुर्ग
मुरादाबाद। एक जमाने में एयर फोर्स में अपनी जाबांजी के बदौलत राष्ट्रपति के हाथों अवार्ड लेने वाले नवलकिशोर पिछले चार दिन से लाश की बदबू महसूस कर रहे थे। चलने फिर से मोहताज 96 वर्षीय नवल किशोर एयरफोर्स से रिटायर्ड हैं। उनके बेटे अशोक मल्होत्रा चकबंदी से सीओ पद से रिटायर्ड हैं। भरा पूरा परिवार होने के बावजूद उन्हें इस उम्र में तन्हा छोड़ दिया गया। जितेंद्र की लाश की सूचना मिलने पर पुलिस राकेश यादव के मकान में पहुंची।
तब पुलिस ने जानकारी की तो पता चला कि मकान के ग्राउंड फ्लोर पर आशा जैन का परिवार रहता है। जबकि फर्स्ट फ्लोर के एक कमरे में जितेंद्र और उसके ठीक सामने वाले कमरे में 96 साल के नवल किशोर रहते हैं। पुलिस वालों ने पूछताछ की तो 96 वर्षीय बुजुर्ग ने बताया कि वह चार दिन से शव की बदबू महसूस कर रहे थे। लेकिन उनकी कोई सुनने वाला नहीं है। बेटे और बहू ने उन्हें यहां अकेला छोड़ दिया है।