साईं अस्पताल में रिषभ के शव के पास खड़े परिजन।
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बारात दरवाजे पर आ चुकी थी। महिलाएं मंगल गीत गा रही थीं। हर कोई जश्न में डूबा था। ठीक उसी वक्त चली एक मनहूस गोली ने खुशियों को मातम में तब्दील कर दिया। दूल्हे के दोस्तों की रंगबाजी ने दुल्हन के भाई की जान ले ली। शहनाई खामोश हो गईं और हर कोई अवाक रह गया।
दुल्हन के घर वाले तो बेसुध हो गए। इकलौता बेटा गंवा चुके कपड़ा कारोबारी तो बेसुध होकर जमीन पर गिर पड़े। पंजाब के भटिंडा में हाल ही में एक डांसर की हर्ष फायरिंग में हुई मौत पूरे देश में सुर्खियों में है। जिले में भी हर्ष फायरिंग में हर साल औसतन दस लोगों की जान जाती रही है।
हर्ष फायरिंग को रोकने के लिए कानून भी कड़ा किया गया है। लेकिन फिर भी लोग सुधरने को तैयार नहीं हैं। शुक्रवार को हुई घटना फिर एक होनहार छात्र की जान ले ली। ऋषभ एमईटी नोएडा में फैशन डिजाइनिंग का छात्र था।
बारात चढ़त में दूल्हे के दोस्तों ने फायरिंग शुरू की तो दुल्हन के पिता राजीव गुप्ता ने कई बार टोका। लाइसेंसी रिवाल्वर और दूसरे हथियारों से फायरिंग कर रहे दूल्हे के दोस्तों और बारातियों को रोकने की उन्होंने कई बार कोशिश की। वो बार - बार कह रहे थे, रहने दो ...किसी को लग जाएगी।
लेकिन राजीव का क्या पता था कि खुशी में चली गोली उन्हीं के बेटे की जान लेे लेगी। पुलिस का कहना है कि अभी तक की पड़ताल में कमल नाम के शख्स का नाम सामने आया है। कमल दूल्हे पुलक की दुकान पर बतौर मैनेजर काम करता है।