हरपाल नगर में हुए दोहरे हत्याकांड के खुलासे के लिए पुलिस की टीम ने शुक्रवार को घटना का डेमो करकर देखा। इस दौरान पता चला कि कैमरे पर लाइट पड़ने के कारण हमलावर की तस्वीर को पहचान पाने में परेशानी का सामना करना पड़ा। सीसीटीवी फुटेज को एफएसएल भेजा जाएगा, जिससे की हमलावर की साफ तस्वीर सामने आए।
सीओ कटघर सुदेश गुप्ता ने बताया कि डेमो के दौरान दो पुलिसकर्मियों को एक बाइक पर सवार किया गया, उनमें से बाइक पर पीछे बैठे पुलिसकर्मी को गहरे रंग की जैकेट पहनाई गई। गहरे रंग की जैकेट पहने शख्स को सीसीटीवी कैमरे के सामने से निकाला गया और पीछे से उस पर रोशनी मारी गई।
इस दौरान यह देखने में आया कि सीसीटीवी में लाइट पड़ने के कारण हमलावर की तस्वीर बदल जाती है। हमलावर के कपड़ों का रंग भी बदल जाता है। ऐसे में पुलिस को लग रहा है कि इसी वजह से हमलावर की तस्वीर आगे किसी कैमरे में पकड़ में नहीं आई है।
अन्य सीसीटीवी फुटेज की दोबारा से जांच की जाएगी और हमलावर की वीडियो फुटेज को एफएसएल में जांच के लिए भेजा जाएगा, जिससे की बिना लाइट के हमलावर की तस्वीर सामने आ सके। इससे हमलावर को पहचान करने में मदद मिलेगी।
बता दें कि 22 दिसंबर को हरपाल नगर में दीनदारपुरा निवासी राहुल शर्मा और उसके प्रापर्टी कारोबारी मौसा महावीर शर्मा की तमंचे से गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हमलावर की तस्वीर घटनास्थल के पास लगे एक सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है।
आठ लाख रुपये का बैंक लोन, दोस्तों से भी लिया कर्जा
सीओ ने बताया कि जांच के दौरान पता चला कि पंजाब नेशनल बैंक से आठ लाख रुपये का लोन महावीर इंटरप्राइजेज के नाम से राहुल ने लिया है। राहुल ने मौसा महावीर के साथ मिलकर आटा चक्की चलाने का योजना बनाई थी। लेकिन यह आटा चक्की महज तीन माह बाद ही बंद हो गई।
इसके बाद बैंक वालों का कर्ज भी उतारने में राहुल और महावीर फेल साबित हो रहे थे, बैंक उन्हें नोटिस भेज रहा था। राहुल के दोस्तों से भी बातचीत की गई तो पता चला कि उसने पिछले दो माह में करीब सवा लाख रुपये का कर्ज अलग अलग लोगों से लिया है। वह इन दिनों आर्थिक तंगी से गुजर रहा था।
ऐसे में पुलिस का कहना है कि राहुल के दोस्तों ने पहचान की है कि महावीर की हत्या उसके ही करीबी ने की है।