प्रथमा बैंक की मुख्य शाखा में बृहस्पतिवार को एक युवक खुद को पीएमओ कार्यालय में कार्यरत अधिकारी बताकर पूर्व में हुए घोटाले की जांच के लिए पहुंच गया। आरोपी पर शक होने पर बैंक कर्मचारियों ने सिविल लाइन पुलिस के हवाले कर दिया। पुछताछ में पता चला कि वह फर्जी अधिकारी है।
प्रथमा बैंक की मुख्य शाखा में प्रबंधक सुरक्षा केपी सिंह ने बताया कि बृहस्पतिवार शाम चार बजे एक युवक कार्यालय पहुंचा। आरोपी ने बताया कि वह दिल्ली स्थित प्रधानमंत्री कार्यालय में कार्यरत है। वहां से उसे प्रथमा बैंक में हुए घोटाले की जांच के लिए भेजा गया है। आरोपी ने बैंक के वरिष्ठ अधिकारियों से चेस्ट करेंसी तथा अन्य संवेदनशील जानकारियां मांगी, इस पर बैंक अधिकारियों को शक हो गया।
उन्होंने आरोपी से पहचान पत्र और जांच के लिए मिले आदेश पत्र दिखाने को कहा। उसी समय वह धमकी देने लगा। बैंक अधिकारियों को पीएमओ कार्यालय के नाम पर दबाव में लेने की कोशिश की गई। इसकी सूचना पुलिस को दे दी गई। एसएचओ सिविल लाइन अजीत सिंह ने बताया कि आरोपी को मौके पर जाकर हिरासत में लिया गया।
पूछताछ में उसने अपना नाम देवेंद्र नाथ गुप्ता निवासी श्याम नगर जिला कानपुर बताया। वह पीएमओ कार्यालय में कार्यरत नहीं है। अंदेशा है कि वह जांच के नाम पर बैंक अधिकारियों से रकम एेंठने के लिए पहुंचा था। देर रात उसे गिरफ्तार कर लिया गया है, पूछताछ जारी है।