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हैदराबाद से डीएनए जांच न कराए जाने पर उठ रहे सवाल

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मुरादाबाद। सितंबर माह में कपूर कंपनी के पास हत्या के बाद फेंकी गई मासूम की मौत के मामले में पुलिस ने जांच को हैदराबाद की जगह लखनऊ में फोरेंसिक लैब से डीएनए जांच के लिए ब्लड सैंपल भेजे हैं। वहां पर जांच का नंबर आने में दो साल का वक्त लगेगा। इधर पुलिस ने डीएनए रिपोर्ट न आने की बात कह जांच को लगभग बंद कर दिया है, ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि संगीन मामले की जांच हैदराबाद से ही क्यों नहीं करवाई गई, जबकि वहां से रिपोर्ट जल्द आ जाती और अब तक इस मामले की जांच भी आगे बढ़ सकती थी।
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दरअसल, हैदराबाद से डीएनए जांच कराने में पुलिस को रुपये देने पड़ते हैं। ऐसे में सवाल है कि कहीं इस खर्च को बचाने के लिए तो पुलिस ने संगीन मामला होने के बाद भी जांच को लखनऊ की फोरेंसिक लैब से करवाने के लिए तो नहीं भेज दिया। इस मामले में एसएसपी जे रविंदर गौड का कहना है कि इसकी वजह डीएनए जांच पर होने वाला खर्च नहीं है बल्कि पहले डीएनए जांच की सुविधा उत्तर प्रदेश में नहीं थी, इस वजह से जांच को हैदराबाद से करवाया जाता था। लेकिन अब ये सुविधा उत्तर प्रदेश में उपलब्ध है। इसलिए शासन से निर्देश है कि ऐसे मामलों की जांच अब लखनऊ स्थित फोरेंसिक लैब में करवाई जाए। इस वजह से डीएनए जांच हैदराबाद के बजाय लखनऊ से कराई जा रही है। उन्होंने बताया कि विवेचना में होेने वाले खर्च के लिए शासन से बजट पास होता है, मुरादाबाद पुलिस को भी बजट से धनराशि मिली है।

इस तरह से दो साल से पहले आ सकता है जांच का नंबर
मुरादाबाद। जो मामले संगीन होते हैं, उनमें डीएनए जांच पहले करवाने के लिए फोरेंसिक लैब के प्रभारी को एक पत्र भेजना पड़ता है। यह पत्र जिले के एसएसपी द्वारा भेजा जाता है। एसएसपी जे रविंदर गौड ने बताया कि इस मामले में भी फोरेंसिक लैब को पत्र भेजकर जल्द ही डीएनए जांच करवाए जाने की मांग की जाएगी।
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डीएनए जांच रिपोर्ट न आने से दो परिवार परेशान
मुरादाबाद। पांच साल की वो मासूम कौन थी, जिसकी हत्या कर दी गई। उसका शव भी जलाने की कोशिश की गई, इसका पता पुलिस को अब तक नहीं चला है। इस मामले में पुलिस को शक है कि यह शव थानाक्षेत्र से सितंबर माह में ही लापता हुई एक मासूम का हो सकता है। इस वजह से लापता मासूम के परिवार के सदस्य के ब्लड सैंपल डीएनए जांच के लिए भेजे गए हैं, जबकि मासूम के परिवार का कहना है कि शव उनकी बच्ची का नहीं है। उनका मानना है कि उनकी बेटी जिंदा है, जिसकी तलाश करने के लिए पुलिस प्रयास नहीं कर रही है।
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