पुलिस से बचकर भागने वाले वाहनों पर परिवहन विभाग ने शिकंजा कसने की तैयारी कर ली है। सभी कामर्शियल वाहनों में स्पीड गवर्नर लगाए जाएंगे। इसकेबाद वाहन 80 किमी प्रतिघंटा से ज्यादा तेज नहीं दौड़ सकेंगे। इनसे एक ओर जहां हादसों को रोकने में मदद मिलेगी, वहीं गैर कानूनी धंधा कर भागने का प्रयास करने वालों को पकड़ा जा सकेगा।
रात और हाईवे केसफर को बड़े वाहन कई बार जानलेवा बना देते हैं। तेज रफ्तार से दौड़ते ट्रकों, डंफरों और लंबे रूट की बसों की चपेट में कई बार छोटे वाहन आ जाते हैं। कई बार पुलिस, आरटीओ और वाणिज्यकर आदि की प्रवर्तन टीमों से बचकर भागने में इन वाहनों से हादसे हो जाते हैं। तेज रफ्तार से भागने वाले इन वाहनों को पुलिस के वाहन भी आसानी से नहीं पकड़ पाते हैं।
सड़क सुरक्षा पर शोध करने वाली परिवहन विभाग की टीम ने पिछले दिनों अपनी रिपोर्ट में हादसों का बड़ा कारण कामर्शियल वाहनों की तेज गति को माना था। ये इतनी तेजी से दौड़ते हैं कि एकाएक इनको नियंत्रित करना भी आसान नहीं होता है। इसकेचलते बड़े वाहनों की गति नियंत्रित करने का निर्णय लिया गया है। अब कामिर्शयल वाहनों में स्पीड गवर्नर लगाए जाएंगे। इसके बाद ये वाहन 80 किमी से ज्यादा गति से नहीं दौड़ सकेंगे। ऐसे में एक ओर जहां हादसों में कमी आएगी, वहीं पुलिस और प्रवर्तन टीम ऐसे वाहनों को आराम से पकड़ सकेंगी।
- सभी कामर्शियल वाहनों में स्पीड गवर्नर लगाने का निर्णय परिवहन विभाग ने लिया है। अगले महीने से पुराने कामर्शियल वाहनों में स्पीड गवर्नर लगाने का काम शुरू कर दिया जाएगा। नए वाहनों में कंपनियों ने इनको लगाना शुरू कर दिया है। इससे एक ओर जहां हादसों में कमी आएगी, वहीं ये जांच टीम से बचकर नहीं भाग सकेंगे।
- अंबरीश कुमार सिंह, एआरटीओ।