गन्ना किसानों के सर्वे में बड़ा घपला सामने आया है। सैकड़ों ऐसे खाते पाए गए हैं, जिनमें कई साल पहले मर गए किसानों को गन्ने की खेती करते दिखाया गया है। सर्वे टीम ने उनको मौके पर मौजूद भी दिखाया है। ऐसे किसानों के नाम पर भी गन्ने की खेती दिखाई गई है, जिनके पास जमीन ही नहीं है। कई किसानों के दो-दो गन्ना खाते बना दिए गए हैं। अफसरों ने रविवार को समीक्षा बैठक में ऐसे 27535 किसानों के खातों को चिह्नित किया है।
अधिकारियों की लाख चौकसी के बावजूद गन्ना माफिया ने सर्वे में सेंध लगा दी है। सैकड़ों ऐसे किसानों को गन्ने की खेती करते हुए दिखाया गया है, जो जिंदा ही नहीं हैं। उनकी मौत भी दो-चार नहीं, पांच-दस साल पहले हो चुकी है। गन्ना उपायुक्त राजेश मिश्र और अपर चीनी आयुक्त राकेश कुमार मिश्र ने गन्ना सभागार में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। इसमें मुरादाबाद के साथ ही अमरोहा, बिजनौर, रामपुर और संभल के गन्ना अधिकारियों ने भाग लिया। समीक्षा में पाया गया कि सैकड़ों ऐसे लोगों के गन्ना खाते बन गए, जिनके पास जमीन ही नहीं है। कई साल पहले मर चुके किसानों के नाम पर भी गन्ना सट्टा करा दिया गया। सैकड़ों ऐसे किसान भी सामने आए हैं, जिनके नाम पर कुल जमीन से ज्यादा दिखाया गया है। अधिकारियों का मानना है कि यह खेल गन्ना माफिया की मिलीभगत से हुआ है। मुरादाबाद मंडल के नोडल अधिकारी अपर चीनी आयुक्त राकेश कुमार मिश्र ने माफियाओं को रोकने और वास्तविक किसानों का गन्ना बिना किसी परेशानी के तौल कराने की व्यवस्था के आदेश दिए।
ऐसे किसान हैं शामिल -
- किसान इकबाल पुत्र नवाब हुसैन की मौत कई साल पहले हो चुकी है। इनके नाम पर गन्ने की फसल दिखाई गई है। सर्वे में किसान के हवाले से अपनी गन्ने की फसल की पुष्टि की गई है। यह रामपुर की स्वार गन्ना समिति के सदस्य दिखाए गए हैं।
- किसान जयविंद पुत्र हरिकेश का अपनी गन्ने की खेती है। इनके नाम का क्षेत्र में कोई दूसरा किसान नहीं है। सर्वे में इनको दो जगह गन्ने की खेती करते दिखाया गया है। इनका एक फर्जी सर्वे एकाउंट तैयार किया गया है। ये अमरोहा गन्ना समिति के सदस्य हैं।
समीक्षा में मृतकों व भूमिहीनों को गन्ने की खेती करते होने की पुष्टि हुई है। अभी सभी गन्ना किसानों का सत्यापन गांवों की खुली बैठक में किया जाएगा। गन्ना समितियों और गन्ना विभाग के अधिकारियों को खुली बैठकों में किसानों और उनके गन्ना क्षेत्र का सत्यापन कराने के आदेश दिए गए हैं। - राजेश कुमार मिश्रा, उप गन्ना आयुक्त।