मुरादाबाद। रेलवे स्टेशन पर मंगलवार रात उतर रेलवे के महाप्रबंधक टीपी सिंह के सामने जमकर हंगामा हुआ। जीएम जैसे से ही स्पेशल ट्रेन से उतरे तो रेलवे अस्पताल के सीएमएस के व्यवहार से दुखी कर्मचारियों ने उन्हें घेर लिया। सुरक्षा घेरे में किसी तरह उन्हें गेस्ट रूम तक पहुंचा गया। कर्मचारी सीएमएस के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे थे। जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन मिलने पार कर्मचारी शांत हुए। कर्मचारियों का आरोप है कि दिव्यांग को फिट दे दिया। जिस कारण उसकी पेंशन नहीं बन पाई।
जीएम टीपी सिंह पहली बार मुरादाबाद रेल मंडल में निरीक्षण के लिए पहुंचे। उन्होंने सुबह नौ बजे से मंडल के काकोरी रोजा सेक्शन में निरीक्षण किया। निरीक्षण के बाद रात नौ बजे महाप्रबंधक स्पेशल ट्रेन से मुरादाबाद रेलवे स्टेशन पर पहुंचे। उनसे पहले ही प्लेट फार्म एक पर स्टेशन अधीक्षक कार्यालय के सामने नरमू और उरमू के पदाधिकारी जुट चुके थे। उन्होंने यहां रेलवे अस्पताल के सीएमएस के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। उन्होंने आरोप लगाया कि सीएमएस कर्मचारियों का उत्पीड़न कर रहे हैं। इसी दौरान प्लेट फार्म एक स्पेशल ट्रेन रुकी। हंगामा होता देखकर रेलवे अफसरों के होश उड़ गए। जीएम को देखकर ही कर्मचारी भड़क गए। उन्होंने जमकर हंगामा किया। कहा कि अस्पताल में कर्मचारियों का इलाज नहीं किया जाता है। पुलिस घेरे में जीएम और अन्य अधिकारियों को गेस्ट रूम तक पहुंचाया गया। इसके बाद भी कर्मचारी हंगामा करते रहे। तब जीएम की ओर से कर्मचारियों को संदेश भेजा गया कि उनकी बात सुनी जाएगी। इसके बाद ही कर्मचारी शांत हुए।
साहब! मेरी पेंशन बनवा दीजिए
मुरादाबाद। रामपुर के आगापुर निवासी कुलदीप के पिता मदनलाल रेलवे में गेटमैन थे। उनकी तैनाती धमौरा में थी। 2010 में उनकी म़त्यु हो गई। इसके बाद कुलदीप की मां को पेंशन मिलने लगी थी। कुलदीप ने बताया कि 2013 में उसका और उसके भाई को किसी वाहन ने टक्कर मार दी थी। इस हादसे में वह दिव्यांग हो गया था, जबकि उसके भाई की मृत्यु हो गई थी। 2017 में मां का भी देहांत हो गया। अब वह कई बार पेंशन के लिए अफसरों के दफ्तरों के चक्कर लगा चुका है। लेकिन उसकी पेंशन नहीं बन पाई। अधिकारी अनफिट का प्रमाण पत्र मांगते हैं, लेकिन रेलवे अस्पताल के सीएमएस ने उन्हें फिट बता दिया है। जिस कारण उनकी पेंशन नहीं बन पा रही। जीएम ने कुलदीप को आश्वासन दिया है कि वह जल्द ही उसकी पेंशन बनवाएंगे।