पाकबड़ा के पाट वाली मिलक में हुई डकैती की वारदात में बदमाशों ने लूटे गए माल का बंटवारा जंगल में बैठकर किया था। पुलिस को इसके साक्ष्य विवेचना के दौरान मिले हैं। जंगल में जिस जगह बदमाश बैठे थे, वहां से पुलिस को हरि सिंह के घर से लूटा गया एक कपड़ा भी बरामद हो गया है।
यही वजह रही कि जब डकैती की वारदात के बाद बदमाश चले गए और सूचना पुलिस को दी गई तो बदमाश पुलिस के पहुंचने पर गांव से कुछ दूरी पर ही मिले थे। वहां पर पुलिस से बदमाशाें का सामना हुआ लेकिन वे भागने में कामयाब हो गए। बदमाशों का पीछा करने में पुलिस नाकाम रही, बदमाशों पर दबाव बनाने के लिए पुलिस ने फायरिंग की तो फायर ही मिस हो गया था। खुद ग्रामीणों ने इसकी जानकारी एडीजी को दी थी।
अगर उस दौरान पुलिस हिम्मत दिखाती और बदमाशों को पकड़ने के लिए घेराबंदी की जाती। उनका लगातार पीछा किया जाता तो डकैती की बड़ी वारदात का न सिर्फ खुलासा होता बल्कि अन्य वारदातों पर भी लगाम लगने की उम्मीद थी लेकिन पुलिस ने रात को जंगल के रास्ते भाग रहे बदमाशों का पीछा नहीं किया था।
अब फाती गैंग आया पुलिस की रडार पर
- डकैती की वारदात से पहले मैनाठेर, रजबपुर में डाला था डेरा
अमर उजाला ब्यूरो
मुरादाबाद। पाकबड़ा के पाट वाली मिलक में हुई डकैती की वारदात में पुलिस ने कई गिरोह को निशाने पर लिया है। अब डकैती की वारदात को अंजाम देने वाला फाती गैंग भी रडार पर है। यह गिरोह बरेली सहित पश्चिमी यूपी के अलग अलग जनपदों में डकैती की वारदातों को पूर्व में अंजाम दे चुका है।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि वारदात से करीब 20 दिन पहले इस गिरोह के सदस्यों की सक्रियता आसपास के क्षेत्र में देखी गई थी। मैनाठेर में और अमरोहा के रजबपुर में बदमाशों ने डेरा डाल रखा था। इस डेरे में महिलाएं भी रहती थीं। गिरोह में शामिल बदमाशों में 25 हजार के इनामी तक शामिल हैं। लगातार हो रही डकैती की वारदात के मद्देनजर इस गिरोह के सदस्यों की तलाश में न केवल स्थानीय पुलिस, एसओजी, क्राइम ब्रांच बल्कि एसटीएफ भी लगी है। मुरादाबाद के आसपास के जिलों की पुलिस भी उनकी गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है।