फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

रामगंगा में डूबने से छात्र की मौत

विज्ञापन
विज्ञापन
मुरादाबाद। कटघर क्षेत्र में रामगंगा नदी में डूबने से छठवी कक्षा के छात्र की मौत हो गई। वह नहाते वक्त पानी के अंदर दिखे सिक्कों को उठाने के गहरे पानी में उतर गया था, जिस वजह से डूब गया। पुलिस ने स्थानीय गोताखोरों की मदद से शव को मशक्कत कर नदी से बाहर निकाला और परिवार के सुपुर्द कर दिया है।
विज्ञापन

रामपुर के सैफनी निवासी नन्हे कटघर के बसंतपुर रामराय में रहते हैं। नन्हे मजदूरी कर अपने परिवार का पालन पोषण करते हैं। उसके परिवार में पत्नी मीना और पांच बच्चे हैं। मीना फैक्ट्री में नौकरी करती है और नन्हे मजदूरी करते हैं। नन्हे का 11 साल का बेटा अजीत छठवी का छात्र था। छात्र के परिवार वालों का कहना है कि छात्र अजीत को गांव के ही बच्चे बुधवार दोपहर को बुला कर ले गए थे। देर शाम को काम करने के बाद नन्हे और मीना घर आए तो उन्होंने अजीत को लापता देख उसकी तलाश शुरू की। काफी देर तक तलाश करने पर भी उसका पता नहीं चला। इस दौरान ग्रामीणों ने जानकारी दी कि छात्र को दो बच्चों के साथ दोपहर के वक्त रामगंगा की ओर जाते हुए देखा गया था। परिवार वालों ने रात को छात्र की तलाश की लेकिन वह नहीं मिला। सुबह उन छात्रों से पूछताछ पर पता चला कि वह रामगंगा में नहाने गए थे, इस दौरान ही नदी के अंदर सिक्के दिखने लगे जिसे उठाने के चक्कर में अजीत गहरे पानी में चला गया और डूब गया। डर की वजह से उन्होंने इसकी जानकारी किसी को नहीं दी थी। इसके बाद बृहस्पतिवार सुबह पुलिस को सूचना दी। परिजन और पुलिस ने रामगंगा नदी पर पहुंचकर छात्र की तलाश शुरू की तो रामगंगा नदी किनारे अजीत की चप्पल और कपडे़ पडे़ मिले। कई घंटों की मशक्कत के बाद गोताखोरों की मदद से रामगंगा नदी से छात्र के शव को बाहर निकाला। एसएचओ कटघर अजीत सिंह ने बताया कि शव को परिवार वालों के सुुपुर्द कर दिया गया है।


मां ने दोपहर में दिए थे दो रुपये
मुरादाबाद। अजीत की मौत से परिवार में कोहराम मच गया है। मां का कहना है कि वह लोग गरीब हैं, इसलिए पति के साथ साथ वह भी नौकरी करने जाती है। जिससे की बच्चों का भरण पोषण हो सके। बुधवार दोपहर को जब अजीत स्कूल से घर आया तो मीना भी घर पर लंच करने आई हुई थीं। मीना से अजीत ने दो रुपये मांगे थे, जिससे की वह दुकान से कुछ खाने की चीज ले सके। मीना ने उसे दो रुपये दिए और वापस ड्यूटी चली गई थीं। मां का रोकर बुरा हाल है, उनका कहना है कि बच्चों को किसी चीज की कमी न हो, इसका वह लोग ध्यान देते हैं। अगर अजीत उनसे और पैसे मांगता तो वह दे देतीं, उन्हें उम्मीद नहीं थी कि चंद सिक्के उनके बेटे की जान ले लेंगे। मां मीना ने बताया कि ऐसी जानकारी होती तो कभी बेटे को रामगंगा की ओर न जाने देतीं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें