मुरादाबाद। चर्चित शैली हत्याकांड में हाईकोर्ट ने डीजीपी की निगरानी में चार पुलिस अधिकारियों की एक टीम से इस वारदात के खुलासे की जांच कराने के निर्देश दिए हैं। ऐसे में सवाल है कि वह चार अफसर कौन होंगे, जो कि इस केस का खुलासा करने में कामयाबी पा सकते हैं। स्थानीय पुलिस भी अभी इस उलझन में है कि अफसर मुरादाबाद के होंगे या फिर लखनऊ से डीजीपी द्वारा तय किए जाएंगे।
इस केस की जांच अभी सीओ सिविल लाइन राजेश कुमार के पास है। लेकिन जल्द ही इस मामले की जांच किसी नए अधिकारी को मिल सकती है। एसएसपी जे रविंदर गौड ने बताया कि जांच अधिकारी अभी मुरादाबाद नहीं पहुंचे है। उनके पहुंचने के बाद हाईकोर्ट के आदेश के बारे में जानकारी की जाएगी। हाईकोर्ट के आदेश का पालन किया जाएगा। उधर, डॉ शैली के बेटे उज्जवल ने बताया कि अधिवक्ता संजीव राघव से जल्द ही पूरी जानकारी लेंगे, जिसके बाद परिवार के लोग डीजीपी से मिलने के लिए जाएंगे। उनसे मांग करेंगे कि इस मामले में तेज तर्रार अफसरों को लगाया जाए। जिससे की वारदात का खुलासा हो सके। उज्जवल ने बताया कि वारदात का खुलासा होना न केवल उनके लिए बल्कि समाज के लिए जरूरी है, जिससे की इस रहस्य से पर्दा उठ सके कि एक मासूम और तीन डॉक्टरों की हत्या की वजह क्या रही? किसने वारदात को अंजाम दिया है?
जिगर कालोनी की कोठी नंबर 40 में मई 2014 में जिला अस्पताल की सीएमएस डा, शैली मेहरोत्रा, उनके पति डा. ओम महरोत्रा, ननद रश्मि मेहता की गला रेतकर तथा पोती गिन्नी की अज्ञात हत्यारों ने गला घोंटकर हत्या कर दी थी। शैली की बेटी गुंजन अरोरा ने थाना सिविल लाइन में अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।