जिला अस्पताल में शनिवार शाम एक विवाहिता की इलाज के दौरान मौत हो गई। महिला को गंभीर हालत में भर्ती कराया गया था। तीमारदारों ने अस्पताल स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। पुलिस के पहुंचने पर मामला शांत हुआ।
मझोला थाना क्षेत्र के काशीरामनगर निवासी महबूब की पत्नी हिना (26) को शनिवार अपराह्न जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। हिना बुखार से पीड़ित और उसकी हालत गंभीर थी। इमरजेंसी में बेड खाली नहीं होने से उसे तीसरी मंजिल में मेडिसिन वार्ड में भर्ती किया। करीब डेढ़ घंटे बाद हिना की मौत हो गई। इससे गुस्साए तीमारदारों ने अस्पताल में हंगामा कर दिया। तीमारदारों ने अस्पताल के डाक्टरों एवं स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगाया। कहा कि हिना की हालत गंभीर होने के बाद भी उसे इमरजेंसी के बजाए वार्ड में भर्ती कर दिया। हंगामे की सूचना पर सिविल लाइन पुलिस अस्पताल पहुंची और बमुश्किल मामला शांत हुआ।
चिकित्सा अधीक्षक डा. राजेंद्र कुमार ने बताया कि हिना की करीब पांच महीने पहले डिलीवरी हुई थी। वह एनीमिया से पीड़ित थी। खून की कमी के बीच बुखार से उसकी हालत गंभीर हो गई। डा. कुमार ने बताया कि इमरजेंसी के सभी 12 बेड फुल थे। इनमें अस्थमा और हार्ट के मरीजों के अलावा गंभीर मरीज भर्ती थे। बेड खाली नहीं होने के कारण हिना को वार्ड में शिफ्ट किया गया। उन्होंने तीमारदारों के लापरवाही के आरोप को बेबुनियाद बताया। कहा कि हिना को प्राथमिक उपचार देने के बाद ही भर्ती किया। गंभीर हालत होने की वजह से उसकी मौत हो गई।