कमिश्नर ने अधिकारियों की बैठक बुलाकर नगर निगम के ट्रंचिंग ग्राउंड पर ई-डस्ट डालने पर रोक लगा दी है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के निर्देश पर नगर निगम ने ट्रंचिंग ग्राउंड पर पॉलिथीन बिछवाकर डस्ट डालना शुरू कर दिया था। केेंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अफसरों ने इसको सुरक्षा मानकों के खिलाफ बताकर रोकने की मांग की थी। अब ई-डस्ट डालने के लिए सुरक्षित प्लेटफार्म तैयार कराया जाएगा।
ई-कचरा जलाने के बाद उसकी राख रामगंगा किनारे डाल दी गई थी। उस ई-डस्ट से भूजल, रामगंगा और हवा में जहरीले रसायन घुल रहे थे। एनजीटी ने इस ब्लैक डस्ट का सुरक्षित निस्तारण या भंडारण कराने के आदेश दिए थे। सख्ती के बाद अफसरों ने ई-डस्ट को तत्काल उठवाकर नगर निगम के ट्रंचिंग ग्राउंड पर भंडारित करवाने की व्यवस्था की थी। नगर निगम ने शनिवार से ई-डस्ट का उठान शुरू करा दिया था। इसको जमीन पर पालीथिन फैलाकर डाला जा रहा था। अमर उजाला ने इस समाचार को प्रकाशित किया था। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों ने भी डस्ट को इस तरह खुले में डालने को सुरक्षित नहीं माना था।
इसको लेकर मंडलायुक्त अनिल राजकुमार ने सोमवार को अधिकारियों की बैठक बुलाई थी। इसमेें नगर निगम, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, सिंचाई विभाग और जिला प्रशासन के अधिकारी शामिल हुए थे। कमिश्नर ने ई-डस्ट के भंडारण को सुरक्षा मानकों पर खरा नहीं मानते हुए तत्काल रोक लगाने का आदेश दिया। उसके बाद सोमवार दोपहर से डस्ट का उठान बंद कर दिया गया।
बैठक में ई-डस्ट के सुरक्षित भंडारण का मामला जोरशोर से उठाया गया। फिलहाल डस्ट का उठान रोक दिया गया है। अब डबल पालीथिन डालकर सरकारी मानकों के अनुसार प्लेटफार्म बनाया जाएगा। इसके लिए विशेषज्ञों की टीम एक-दो दिन में मौके का निरीक्षण करेगी। प्लेटफार्म बन जाने के बाद ही डस्ट का उठान शुरू कराया जाएगा। - आरके सिंह, आरओ - प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड।