मुरादाबाद। जिला अस्पताल के मेडिकल टू वार्ड में भर्ती एक युवक के कोरोना संक्रमित होने की आशंका में सोमवार को कुछ देर के लिए जिला अस्पताल में अफरातफरी का माहौल पैदा हो गया। करीब घंटाभर बाद सीएमओ डा. एमसी गर्ग और युवक का इलाज करने वाले डा. प्रवीन शाह ने स्थिति स्पष्ट की कि युवक कोरोना आशंकित नहीं है। बल्कि उसे दिमागी बुखार की आशंका में मेरठ मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। डा. शाह ने कहा कि युवक में कोरोना संक्रमित होने के लक्षण नहीं थे। वह पिछले 20 दिन से तेज बुखार से पीड़ित था।
डा. प्रवीन शाह ने बताया कि एक युवक को तेज बुखार की शिकायत पर उसकी बहन रविवार को जिला अस्पताल इमरजेंसी लेकर पहुंची थी। युवक को 20 दिन से बुखार आ रहा था। लेकिन परिजन मोहल्ले में झोलाछाप से ही उसका इलाज कराते रहे। चेस्ट फिजीशियन डा. शाह ने बताया कि युवक को मेडिकल टू वार्ड में भर्ती किया गया था। सोमवार सुबह में करीब 10 बजे राउंड पर उन्होंने मरीज को देखा और स्टाफ नर्स से सेनिटाइजर मांगा। मरीज को देखने के बाद उन्होंने अपने हाथ सेनिटाइजर से साफ किए और बाकी स्टाफ को भी हिदायत दी कि जब तक कोरोना का शोर मचा है तब तक हरेक मरीज को इसी तरह देखकर सेनिटाइजर से हाथ साफ करें या फिर गिलब्स लगाकर मरीज को टच करें। डा. ने कहा कि हर मरीज को देखने में ऐसे ही एहतियात बरतें जैसे कोरोना संक्रमित मरीज को देख रहे हैं। इसे लेकर भ्रम की स्थिति फैल गई। डा. शाह ने बताया कि उनकी कही बात से मेडिकल स्टाफ ने यह अर्थ लगा लिया कि जिस मरीज को उन्होंने देखकर मेरठ रेफर किया है वह कोरोना संक्रमित है। सीएमओ डा. एमसी गर्ग ने बताया कि जिले में अभी तक कोरोना आशंकित एक भी मरीज नहीं मिला है। सोमवार को भ्रम की वजह से कुछ देर के लिए कोरोना आशंकित मरीज मिलने की अफवाह फैल गई थी।