मुरादाबाद। छोटे किसानों को आर्थिक शोषण से मुक्त करने के लिए सरकार ने सहकारी बैंकों से ऋण देने का काम शुरू किया था, जिसका असर अब जमीन पर दिखने लगा है। जिले में इस वित्तीय वर्ष में अब तक 41,998 किसानों ने सहकारी बैंक से 249.98 करोड़ रुपये का अल्पकालीन ऋण लेकर कृषि उपज बढ़ाने के लिए खाद व बीज प्राप्त की है। ऋण लेने वाले किसानों की यह संख्या पिछले वर्ष के मुकाबले काफी अधिक है। पिछले वित्तीय वर्ष में सहकारी बैंकों से जिले में कुल 26,712 किसानों ने ऋण लिया था।
सहकारी विभाग के आंकड़ों के अनुसार वित्तीय वर्ष 2017-18 से लेकर अब तक हर साल सहकारी बैंकों से ऋण लेने वाले किसानों की संख्या में इजाफा हुआ है। पिछले वित्तीय वर्ष 2023-24 में जिले में कुल 26,712 किसानों ने सहकारी बैंकों से 217.50 करोड़ रुपये का ऋण लिया था। मौजूदा वित्तीय वर्ष 2024-25 में एक अप्रैल से लेकर 31 दिसंबर तक जिले के 41,998 किसानों ने 249.98 करोड़ रुपये का ऋण सहकारी बैंकों से प्राप्त किया है।
वहीं, अगर अमरोहा और संभल जिले की बात की जाए तो अमरोहा में अब तक 63,420 किसान और संभल में 33619 किसानों ने सहकारी बैंकों से लोन प्राप्त किया है। सहकारी बैंक ने अमरोहा के 63,420 किसानों को 436.05 करोड़ और संभल के 33,619 किसानों को 170,61 करोड़ रुपये का ऋण प्रदान किया है।
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि आसानी से ऋण मिलने के चलते लोगों का रुझान लगातार बढ़ता जा रहा है। इससे किसान साहूकारों के चंगुल से भी बाहर निकल रहे हैं। साथ ही इस लोन की मदद से ग्रामीण इलाकों में युवाओं को स्वरोजगार स्थापित करने में भी आसानी हो रही है। किसानों को ऋण प्राप्त करने के लिए दर-दर भटकना नहीं पड़ रहा है, बल्कि गांव में ही सीधे ऋण प्राप्त हो रहा है।
किसान इस ऋण को प्राप्त करने के बाद खेती के लिए कृषि यंत्र और कृषि उपज बढ़ाने के लिए खाद व बीज भी आसानी से सहकारी समितियों से प्राप्त कर रहे हैं। सहकारिता विभाग की मुरादाबाद में 58, अमरोहा में 45 और संभल में 42 सहकारी समितियां संचालित हैं।
लोन लेने वालों में महिला किसान भी शामिल
सहकारी बैंकों से ऋण लेने वालों में महिला किसान भी शामिल हैं। ऋण लेने वाले 41,998 किसानों में महिला किसानों की संख्या 840 है। सबसे अधिक ऋण सीमांत कृषकों ने लिया है। इनकी संख्या 25,619 है। अमरोहा में 1268 और संभल में 672 महिला किसानों ने सहकारी बैंकों से ऋण प्राप्त किया है।
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नेशनल अवॉर्ड से भी सम्मानित हो चुका है विभाग
प्रदेश में बेहतर कार्य के चलते सहकारिता विभाग को नेशनल अवॉर्ड से भी सम्मानित किया जा चुका है। हर साल ऋण देने वाले किसानों में वृद्धि के चलते मुरादाबाद जिला सहकारी बैंक को ओवरऑल बेस्ट परफार्मर के अवॉर्ड से सम्मानित किया जा चुका है। नेशनल फेडरेशन ऑफ स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक की ओर से 2021-22 में आयोजित समारोह में मुरादाबाद जिला सहकारी बैंक को तृतीय पुरस्कार के रूप में ट्रॉफी प्रदान की गई थी।
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तीन प्रतिशत ब्याज पर मिलता है तीन लाख का लोन
को-ऑपरेटिव बैंक की ओर से किसानों को तीन लाख रुपये तक का लोन महज तीन प्रतिशत की ब्याज दर पर प्राप्त होता है। लोन समय से न चुकाने पर ब्याज दर सात प्रतिशत की दर से वसूल की जाती है। वहीं, तीन लाख रुपये से अधिक का लोन 10.70 प्रतिशत के ब्याज दर पर दिया जाता है।
किसानों को सहकारी बैंक एवं समितियों के माध्यम से खरीफ एवं रबी अभियान के तहत यह ऋण वितरित किया गया है। इस वित्तीय वर्ष में सबसे ज्यादा किसानों ने इसका लाभ लिया है। किसानों को आसानी से ऋण प्राप्त हो रहा है, इसलिए संख्या भी बढ़ रही है। वहीं, अब तक 43.13 प्रतिशत वसूली भी हो चुकी है। - अमरेंद्र कुमार, एआर कोऑपरेटिव