मुरादाबाद। राजस्थान के अलवर की जेल से पैरोल पर बीस दिन के लिए बाहर आया उम्रकैद का दोषी फरार हो गया। छह साल बाद उम्रकैदी मुरादाबाद में चेकिंग के दौरान पुलिस के हत्थे चढ़ गया। सूचना मिलने पर अलवर जनपद की पुलिस मुरादाबाद पहुंची और उसे अपनी सुपुर्दगी में ले लिया है। आरोपी ने पूछताछ में कबूला है कि वह यहां मझोला क्षेत्र में किराये के मकान में रहकर ठेला चलाकर गुजर बसर कर रहा था।
मुगलपुरा थाना प्रभारी देवेंद्र सिंह ने बताया कि उप निरीक्षक चांदवीर सिंह पुलिस टीम के साथ जामा मस्जिद चौराहे पर संदिग्धों की चेकिंग कर रहे थे। इस दौरान एक संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दिया। उसने अपने मुंह पर गमछा बांध रखा था, जबकि उसके कंधे पर एक बैग भी टंगा हुआ था। पुलिस कर्मियों ने उसे रोक कर पूछताछ की तो उसने अपना नाम बनवारी पुत्र गणेश निवासी ग्राम खारेड़ा थाना माला खेड़ा जनपद अलवर( राजस्थान) बताया। शक गहराने पर मुरादाबाद ने अलवर जनपद के कोतवाली प्रभारी से संपर्क किया। तब पता चला कि बनवारी अलवर स्थित जिला कारागार में आजीवन कारावास की सजा भुगत रहा था। इसने 2007 में एक रिक्शा चालक की चाकू से गोदकर हत्या कर दी थी। जिसमें अदालत से बनवारी को उम्रकैद की सजा हो चुकी है।
जिला पैरोल परामर्शदात्री समिति अलवर के आदेश पर 20 दिवस पैरोल स्वीकृत होने पर जेल से चौदह अक्तूबर 2014 को एक लाख के मुचलके पर रिहा किया गया था। दो नवंबर 2014 को शाम पांच बजे उसे जेल में दाखिल होना था। लेकिन बनवारी जेल में दाखिल नहीं हुआ। तब से आरोपी फरार चल रहा था। इसके खिलाफ कोतवाली अलवर में फरारी के संबंध में केस भी दर्ज किया गया था। सोमवार को अलवर कोतवाली के एसआई ईश मोहम्मद और कांस्टेबल हनीफ खां मुगलपुरा कोतवाली पहुंचे और उन्होंने अभियुक्त बनवारी की शिनाख्त की। मुगलपुरा थाना प्रभारी ने बताया कि आरोपी बनवारी को अलवर कोतवाली पुलिस की सुपुर्दगी में दे दिया गया है। आरोपी ने पूछताछ में बताया कि वह मझोला क्षेत्र में किराये के मकान में रहता है। यहां वह ठेेला चलाता था।