24 दिसंबर को दर्ज कराई थी प्राथमिकी
मझोला क्षेत्र की रहने वाली 23 वर्षीय युवती ने 24 दिसंबर को मझोला थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। जिसमें उसने बताया था कि दो साल पहले अमरोहा जिले के डिडौली क्षेत्र के गांव निवासी युवक से शादी समारोह में उसकी मुलाकात हो गई थी। आरोपी ने उसका मोबाइल नंबर ले लिया था और बातचीत करने लगाया था।
होटल बुलाकर बनाए थे संबंध
आरोपी ने उसे मिलने के लिए होटल में बुलाया और शारीरिक संबंध बनाए। पीड़िता ने विरोध किया तो आरोपी ने उसे शादी करने का झांसा देकर शांत कर दिया था। इसी बीच युवक का यूपी पुलिस में सिपाही पद पर चयन हो गया और फिरोजाबाद में ट्रेनिंग करने चला गया। एक दिन तबीयत खराब होने पर परिजन युवती को डॉक्टर के पास ले गए तो पता चला कि वह गर्भवती है। उसने इसकी जानकारी सिपाही को दी तो उसने अपने मौसेरे के जरिए गर्भपात कराने के लिए दवा खिलवा दी लेकिन युवती का गर्भपात नहीं हुआ था।
ससुराल ने दहेज के लिए किया परेशान
प्रशिक्षु सिपाही को अपने बच्चे का पिता बताया तो दोनों पक्षों की पंचायत के बाद 12 नवंबर को युवती सिपाही के घर चली गई थी। 26 नवंबर को अमरोहा के अस्पताल में बच्चे को जन्म दिया था। इसके बाद पीड़िता को ससुराल में दहेज के लिए परेशान किया जाने लगा और सिपाही ने भी बच्चे को अपनाने से इनकार कर दिया।
पुलिस बोली- उसने अब शादी कर ली है
पुलिस ने प्रशिक्षु सिपाही, उसके मां बाप, बहन भाई और रिश्तेदारों पर प्राथमिकी दर्ज की गई तो प्रशिक्षु सिपाही और उसके परिजन युवती और बच्चे को अपनाने को तैयार हो गए। एसपी सिटी कुमार रण विजय सिंह ने बताया कि प्रशिक्षु सिपाही ने युवती से कोर्ट मैरिज कर ली और और अमरोहा में ही एक मंदिर में सात फेरे लेने के बाद उसे अपने घर ले गया और दो बीघा जमीन भी उसके नाम पर करा दी है।