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सिपाही की हत्या से शासन तक खलबली, बछरायूं में सिपाही को गोली लगने के बाद जंगल में मुस्तैद पुलिस

Mon, 28 Jan 2019 12:51 AM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अमरोहा
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जंगल में तैनात अमरोहा पुलिस - फोटो : अमर उजाला
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हिस्ट्रीशीटर की गोली से 2016 बैच के सिपाही हर्ष चौधरी के शहीद होने के बाद शासन तक खलबली मच गई है। आईजी और एडीजी प्रेम प्रकाश के अलावा डीजीपी ओपी सिंह कप्तान से पल-पल की अपडेट लेते रहे।       

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रविवार की शाम बछरायूं थाना पुलिस की टीम गांव इंद्रपुर में हिस्ट्रीशीटरों का सत्यापन करने गई थी। जहां हिस्ट्रीशीटर शिवअवतार यादव ने सिपाही हर्ष चौधरी को गोली मार दी। सिपाही के गोली लगते ही पुलिस महकमें में शासन तक हड़कंप मच गया। सिपाही को मुरादाबाद के टीएमयू में भर्ती कराया गया। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। 

सिपाही के शहीद होने की चर्चा सूबे में फैल गई। आईजी और एसपी डॉ. विपिन ताडा टीएमयू में सिपाही के देखने पहुंचे थे। जबकि एडीजी प्रेम प्रकाश और डीजीपी ओपी सिंह भी एसपी डॉ. विपिन ताडा से फोन पर घटना के पल-पल की अपडेट लेते रहे। 
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सिपाही की मौत की खबर मिलते ही विभाग में शोक की लहर दौड़ गई है। हालांकि पुलिस की जवाबी फायरिंग में कुख्यात हिस्ट्रीशीटर शिवअवतार यादव को भी गोली ली। पुलिस ने उसे धनौरा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। जहां उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

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हिस्ट्रीशीटर शिव अवतार पर बीस से ज्यादा मुकदमे  

हिस्ट्रीशीटर शिव अवतार यादव - फोटो : अमर उजाला
सिपाही हर्ष चौधरी की गोली मारकर हत्या करने वाला हिस्ट्रीशीटर शिवअवतार अपराध की दुनिया का बादशाह है। इस पर लूट, हत्या, जानलेवा हमला और चोरी डकैती के बीस से अधिक मामले दर्ज है। वर्तमान में शिवअवतार यादव और गांव के ही रमेश सैनी हिस्ट्रीशीट खुली हुई थी। लिहाजा पुलिस रविवार की शाम गांव सत्यापन करने के लिए गई थी। जहां पुलिस पर हमला कर दिया गया। इसके बाद पुलिस और बदमाशों की मुठभेड़ हो गई। जिसमें हिस्ट्रीशीटर रामअवतार भी घायल हो गया।

बछरायूं थाना क्षेत्र के गांव इंद्रपुर निवासी रामअवतार यादव और रमेश सैनी दोनों पुलिस रिकार्ड में शातिर अपराधी हैं। दोनों पर कई मुकदमें दर्ज हैं। दोनों ही हिस्ट्रीशीटर हैं। शासन के निर्देश पुलिस ने अपराधियों की धरपकड़ को अभियान चला रखा है। हॉल ही में पिछले दिनों में गजरौला क्षेत्र में कई लूट और चोरी की वारदातें हुई थी। इसके बाद पुलिस स्थानीय बदमाशों की सुरागकशी कर रही है। 

हिस्ट्रीशीटर शिवअवतार यादव किन्हीं दो-तीन वारदातों संदिग्ध भी था। लिहाजा रविवार की देर शाम पुलिस की टीम गांव सत्यापन करने के लिए पहुंची थी। लेकिन हिस्ट्रीशीटर नहीं मिला। इसके बाद पुलिस इसकी ट्यूबवेल पर पहुंची। जहां हिस्ट्रीशीटर शिवअवतार ने पुलिस को देखते ही फायरिंग शुरू कर दी। जो गोली सिपाही हर्ष चौधरी का सीने में जा लगी। सिपाही को गोली लगते ही पुलिस महकमें में हड़कंप मच गया। 

मैसेज फ्लैस होते ही क्राइम ब्रांच के अलावा कई थानों का फोर्स घटना स्थल पर पहुंच गई। आनन-फानन में लहूलुहान सिपाही को मुरादाबाद के टीएमयू में भर्ती कराया गया। जहां चिकित्सकों ने उसे मृत करार दे दिया। उधर पुलिस की बदमाश से मुठभेड़ हो गई। जहां पुलिस की गोली लगने से हिस्ट्रीशीटर शिवअवतार यादव भी घायल हो गया।

शाम होते ही गोलियों की तड़तड़ाहट से गूंज उठा अमरोहा का गांव इंदरपुर

अमरोहा पुलिस - फोटो : अमर उजाला
थाना क्षेत्र के गांव इंदरपुर के ग्रामीण बेहद सर्द की रात घरों में दुबकने की तैयारी कर रहे थे। अचानक गांव गोलियों की तड़तड़ाहट से गूंज उठा। गांव वाले किसी अनहोनी की आशंका से सहम गए। किसी को भी समझ नहीं आ रहा था कि गांव में क्या चल रहा है और गोलियां कौन चला रहा है। रात साढ़े आठ बजे एकाध ग्रामीण ने हिम्मत कर इस बात की जानकारी की कि गांव में पुलिस  और हिस्ट्रीशीटर शिवऔतार यादव के बीच जमकर फायरिंग हुई। गांव के उत्तरी छोर पर कई फायर हुए। लेकिन फायर कौन कर रहा है इसकी जानकारी किसी के भी पास नहीं थी। 

रविवार को बर्फीली हवाओं की वजह से शीतलहर चल रही थी। गांव में वैसे भी शाम के समय सन्नाटा पसर जाता है। गांव के बाहर नसीरपुर को जाने वाली रोड पर स्थित शिवऔतार के खेत पर भी फायरिंग हुई थी। गांव के एक बुजुर्ग ने बताया कि अपराह्न में पुलिस हिस्ट्रीशीटर रमेश सैनी व शिवऔतार का घर देखने आई थी। लेकिन वापस चली गई थी। यह संवाददाता ग्राम प्रधान जितेंद्र सिंह के घर पर गया लेकिन वह गांव में नहीं थे। देर रात पुलिस महानिरीक्षक व पुलिस अधीक्षक ने मौका मुआयना किया।
 
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साथी सिपाहियों के बीच बेहद लोकप्रिय था हर्ष

मृत सिपाही हर्ष चौधरी - फोटो : अमर उजाला
जनपद हाथरस के कस्बा श्यामनगर निवासी हर्ष चौधरी अपने साथी सिपाहियों के बीच लोकप्रिय था और साथी सिपाही उसे टाइगर कहकर बुलाते थे। हर्ष चौधरी की शहादत की जानकारी मिलते ही साथी सिपाही बेहद गमगीन हैं। उनको यकीन ही नहीं हो पा रहा है कि हर्ष अब उनके बीच नहीं रहा है। उसके बैच के कई सिपाही थाना धनौरा में तैनात हैं। एक सिपाही ने सुबकते हुए बताया कि सुबह ही उससे बातचीत हुई थी। फोन पर प्रसन्न नजर आ रहा था लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। हर्ष की पत्नी अनु हर्ष चौधरी पांच माह की गर्भवती है। विभाग ने उसे काफी देर के बाद घटना के बारे में जानकारी दी। हर्ष बेहद मिलनसार भी था।

घटना स्थल की कर दी बैरीकेटिंग
सिपाही हर्ष चौधरी को गोली लगने के बाद मौके पर तीन थानों की पुलिस पहुंच गई। इसके बाद गांव में अफरातफरी मच गई। टीम ने घटना स्थल की बैरीकेटिंग कर दी। किसी को भी घटनास्थल की ओर जाने नहीं दिया। पूरी तरह से रास्ता बंद कर दिया।

बोले अधिकारी -
शहीद सिपाही के परिजनों को आर्थिक मदद करेगा पुलिस विभाग
देर रात टीएमयू में पहुंचे एडीजीपी प्रेम प्रकाश का कहना है कि शहीद सिपाही के परिजनों को पुलिस विभाग की ओर से भी आर्थिक मदद दी जाएगी। स्थानीय स्तर पर पुलिस स्टाफ की ओर से भी आर्थिक मदद की घोषणा की गई है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री की ओर से शहीद सिपाही के परिजनों में पत्नी को चालीस लाख रुपये और माता पिता 10 लाख रुपये प्रदान किए जाएंगे। इसके अलावा परिवार में से एक व्यक्ति को नौकरी दी जाएगी। सिपाही के सेवानिवृत होने की अवधि तक पारिवारिक पेंशन भी मिलेगी। एडीजीपी ने कहा कि हिस्ट्रीशीटरों के खिलाफ संभी थानों में हिस्ट्रीशीटरों के खिलाफ अभियान और तेज होगा। 

मंडल के बदमाशों पर कसेगा शिकंजा
आईजी रमित शर्मा ने कहा कि बदमाश को पकड़ने गए सिपाही हर्ष चौधरी शहीद हए हैं। इस घटना के बाद से मंडल में बदमाशों के खिलाफ अभियान और तेज होगा। हिस्ट्रीशीटर तथा अन्य बदमाशों के खिलाफ कार्रवाई के लिए थानों की सूची अपडेट की जाएगी। आईजी ने बताया कि शासन की ओर से मृत सिपाही को शहीद का दर्जा दिया जाएगा। 

सत्यापन करने गई पुलिस पर हमले के दौरान हिस्ट्रीशीटर ने पुलिस पार्टी पर हमला किया, जिसमें सिपाही हर्ष चौधरी को गोली के कारण घायल अवस्था में टीएमयू अस्पताल लाया गया। जहां पर उपचार के दौरान सिपाही की मौत हो गई। गोली चलाने वाला सिपाही हिस्ट्रीशीटर है। इसके खिलाफ एक दर्जन से अधिक मुकदमे दर्ज है।
- विपिन ताड़ा, एसपी अमरोहा
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