कांठ। सरकार द्वारा परिषदीय स्कूलों के विलय के निर्णय और वाराणसी प्रशासन द्वारा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष सहित दस कांग्रेसियों पर दर्ज किए गए मुकदमें के विरोध में कांग्रेस पार्टी के आह्वान पर कांग्रेसियों ने स्थानीय स्तर पर नारेबाजी कर राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपे।
सोमवार को युथ कांग्रेस के जिलाध्यक्ष दानिश सैफी के नेतृत्व में कांग्रेस पदाधिकारी, कार्यकर्ता व युवा एकत्र होकर राष्ट्रीय आह्वान पर कांठ तहसील पहुंचे। यहां कांग्रेसियों ने एसडीएम कार्यालय के सामने धरने पर बैठकर कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा 5000 परीषदीय स्कूलों को विलय करने का जो निर्णय लिया है, यह उचित नहीं है। यह अन्यायपूर्ण निर्णय है, इससे बच्चों के भविष्य पर बड़ा प्रभाव पड़ेगा। वहीं स्कूलों के काम करने वाले तमाम कर्मचारी बेरोजगार हो जाएंगे। शिक्षक और शिक्षिकाओं के हित में भी यह निर्णय सही नहीं है। वहीं कांग्रेसियों ने वाराणसी में दस जुलाई को समस्याओं और मांगों के लेकर निकाली जा रही पदयात्रा को लेकर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राज, शहर अध्यक्ष सहित दस कांग्रेसियों पर वाराणसी में दर्ज किए गए मुकदमें का भी विरोध किया। मुकदमें निरस्त कराकर वाराणसी में श्रद्धालुओं के लिए मूलभूत सुविधाएं कराने की मांग की। दोनों मांगों को लेकर कार्यकर्ताओं ने राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन एसडीएम संत दास पंवार को सौंपे। यहां कांग्रेस के पूर्व प्रदेश सचिव फिरोज अनवर, युथ कांग्रेस जिलाध्यक्ष दानिश सैफी, मेहंदी हसन, इबराज सलमानी, रिजवान सैफी, जुल्फिकार सलमानी, मोहम्मद अरशद सैफी, मोहम्मद अहमद, हाजी नसीम, वरीश, काशिफ, मोहम्मद सोनू, परम सिंह आदि रहे।