मुरादाबाद। नगर निगम द्वारा कांग्रेस के जिला कार्यालय को जर्जर घोषित करते हुए नोटिस चस्पा किए जाने के बाद से कांग्रेस का पूरा संगठन सक्रिय हो गया। निगम की कार्रवाई से आक्रोशित कांग्रेस के जिला और महानगर संगठन के पदाधिकारी, पार्षद और वरिष्ठ नेता बृहस्पतिवार को महापौर विनोद अग्रवाल से मिले।
पार्टी के नेताओं ने कहा कि निगम ने नोटिस चस्पा कर भवन को जर्जर घोषित कर दिया है। यह 70 साल पुराना कार्यालय है। भवन के ग्राउंड फ्लोर पर दुकान चलाने वाले एक संचालक इस संपत्ति को हड़पना चाहते हैं। इसी क्रम में पहले दुकान संचालक ने 200 साल पुराने पेड़ को बिना किसी अनुमति से कटवाया। फिर भवन के नीचे खोदाई कर उसे खोखला कर दिया। इस संदर्भ में पूर्व अध्यक्ष असलम खुर्शीद ने जिला प्रशासन और वन विभाग में शिकायत दर्ज कराई थी।
जिलाध्यक्ष विनोद गुंबर के मुताबिक इसकी जांच भी चल रही है। इस बीच नगर निगम के कुछ कर्मचारियों ने दुकान संचालक के साथ मिलकर भवन को जर्जर घोषित कर दिया है। जिलाध्यक्ष ने बताया कि महापौर विनोद अग्रवाल ने नोटिस को अमान्य करार दिया है। महापौर से मिलने वालों में महानगर अध्यक्ष जुनैद कुरैशी, पूर्व अध्यक्ष अनुभव मेहरोत्रा, अमीरुल हसन जाफरी, प्रवक्ता सुधीर पाठक, मो. अब्बास, राजेश पाल, पार्षद रेहान खां आदि मौजूद रहे।
केंद्रीय टीम करेगी दौरा, संपत्ति के बारे में जुटाएगी जानकारी
कांग्रेस के जिलाध्यक्ष विनोद गुंबर ने कहा कि उन्होंने पूरे मामले की जानकारी केंद्रीय समिति तक भेज दी है। इस संदर्भ में जल्द ही केंद्रीय समिति की टीम शहर आएगी। साथ में कांग्रेस की संपत्तियों का लेखाजोखा रखने वाली न्यायिक टीम भी शहर आएगी। यह संपत्ति कांग्रेस को दान में मिली थी। केंद्रीय समिति की ओर से संपत्ति का पूरा ब्योरा जुटाया जाएगा और भवन का नए सिरे से निर्माण कराया जाएगा।
अवैध रूप से संचालित हो रहा है कांग्रेस दफ्तर, भवन स्वामी ने की शिकायत
मुरादाबाद। नगर निगम ने कांग्रेस के जिला कार्यालय को जर्जर घोषित किया है। यह मामला अब तूल पकड़ रहा है। इस मामले में भवन स्वामी ने मुख्यमंत्री पोर्टल से लेकर स्थानीय अधिकारियों तक पत्र भेजकर शिकायत दर्ज कराई है। भवन स्वामी का कहना है कि कांग्रेस का कार्यालय अवैध रूप से संचालित किया जा रहा है। पार्टी की ओर से न तो भवन का किराया दिया जाता है और न ही उनके बिजली और पानी के कनेक्शन हैं। यहां अवैध रूप से कब्जा कर पार्टी का कार्यालय संचालित किया जा रहा है। भवन स्वामी शशि रस्तोगी की ओर से दर्ज किए गए शिकायत के मुताबिक इस संबंध में पहले भी शिकायत की गई थी। जिसके बाद नगर निगम की टीम ने भवन का निरीक्षण किया और पाया कि भवन कभी भी गिर सकता है। यह पूरी तरह से जर्जर हो चुका है। ब्यूरो