कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम पर केंद्र सरकार राजनीतिक द्वेष से प्रेरित होकर कार्रवाई कर रही है। यह लोकतंत्र के लिए खतरनाक है और इस मुद्दे पर पूरी पार्टी चिदंबरम के साथ है।
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गुरुवार की रात नई दिल्ली से अल्मोड़ा जाते वक्त हरीश रावत कुछ देर के लिए रामपुर में रुके थे। पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि मोदी सरकार चिदंबरम का चरित्र हनन करने के लिए प्रवर्तन निदेशालय और सीबीआई का इस्तेमाल कर रही है। पूरी पार्टी और वह इस वक्त चिदंबरम के साथ हैं, और सच के लिए लड़ाई जारी रखी जाएगी।
उन्होंने कहा कि चिदंबरम ने जांच में पूरा सहयोग किया है, लेकिन इस सरकार में जो तुस्सी ग्रेट हो नहीं कहता, सरकार उसके पीछे पड़ जाती है। भारत अब तक की, बदले की सबसे खराब राजनीति का गवाह बन रहा है। विरोधियों को चुनकर निशाना बनाया जा रहा है। कहा कि कई ऐसे नेता हैं जो हमारी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस या किसी अन्य विरोधी पार्टी में रहते हुए जांच के घेरे में थे लेकिन भाजपा में शामिल होते ही उनके खिलाफ जांच बंद हो गई।
आजम खां पर पूछे गए सवाल पर कहा कि आजम खां और असदुद्दीन औवेसी जैसे नेताओं की वजह से वोटों का ध्रुवीकरण होता है। ये वह नेता हैं जो समाज में नफरत फैलाने का काम करते हैं। ईवीएम पर कहा सभी विपक्ष के नेता एकजुट हो कर बैलेट पेपर से चुनाव की मांग कर रहे हैं लेकिन चुनाव आयोग उस पर कोई सुनवाई नहीं कर रहा। इस दौरान राज्यसभा सांसद प्रदीप टम्टा ने कहा कि कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को जितना प्रताड़ित किया जाएगा, उतनी ही कांग्रेस को मजबूती मिलेगी।
इससे पहले कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने दोनों नेताओं का स्वागत किया। इस अवसर पर कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष मुतीउर्रहमान खां बब्लू, प्रमिल कुमार शर्मा, मामून शाह खां, नोमान खां, आमिर मियां, आदिल मियां, कमाल हुसैन, शहरोज मंसूरी, आमिर कुरैशी, मेहरबान अली, ताबिश खां, सुभान खां, इरफान अली, शेराज मिंया, रहमान अली आदि मौजूद रहे।