यूपी में कांग्रेस की खोई जमीन तलाशाने पहुंचे कांग्रेसी दिग्गज 200 किमी का सफर तय करने के बाद रविवार को मंडल से रुखसत हो गए। लेकिन ‘27 साल यूपी बेहाल’ की एसी बस में बैठकर लंबा सफर तय करने के बावजूद कांग्रेस के दिग्गज कार्यकर्ताओं के दिलों को नहीं छू सके।
मीलों तय करने के बाद भी दिलों का फासला जस का तस बरकरार है। दिग्गजों ने एसी बस के पायदान से उतरने में परहेज किया तो जवाब में कार्यकर्ताओं का रुख भी ठंडा रहा। मिशन 2017 की तैयारियों में जुटी कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने शनिवार को हरी झंडी दिखाकर दिल्ली से ‘27 साल यूपी’ बेहाल यात्रा को रवाना किया था।
यात्रा की एसी बस में सीएम प्रत्याशी शीला दीक्षित, कांग्र्रेस प्रदेश अध्यक्ष राजबब्बर, गुलाम नवी आजाद, डा. संजय सिंह, प्रमोद तिवारी और पीएल पुनिया समेत तमाम कांग्र्रेसी दिग्गज सवार थे। लेकिन एयर कंडीशनर के आदी कांग्रेसी दिग्गज यूपी का ताप नहीं सह सके।
शीला दीक्षित की तबियत बिगड़ गई और वो गढ़ से ही लौट गईं थीं। जिससे कार्यकर्ताओं का जोश ठंडा हो गया था। बाकी कमी कांग्रेस के बस सवार अन्य नेताओं ने पूरी कर दी। शनिवार को शाम करीब चार बजे यात्रा के मुरादाबाद मंडल के बार्डर (ब्रजघाट) पर पहुंचने से लेकर रविवार को शाम चार बजे मंडल से रुखसत (बाया रामपुर - मिलक) होने तक कहीं भी कार्यकर्ताओं में अपेक्षित जोश नहीं दिखा।
शनिवार रात कांग्रेस नेताओं ने भीड़ न होने की वजह से जीआईसी में हुई सभा पांच मिनट में निपटा दी थी तो रविवार को भी दिन की शुरुआत बेहद ठंडी रही। प्रेस वार्ता के बाद कांग्रेस की बस मूंढापांडे पहुंची तो कार्यकर्ताओं का अभिवादन स्वीकार करने के लिए नेता बस से नीचे नहीं उतरे। उत्तराखंड के कांग्रेस विधायक संजय कूपर के अलावा किसी अन्य को बस में चढ़ने की भी इजाजत नहीं मिली।
रामपुर में कोसी पुल पर भी घंटों से इंतजार करते कार्यकर्ताओं से मिलने को कांग्रेसी दिग्गज नीचे नहीं उतरे। तो रामपुर में अंबेडकर पार्क में कार्यकर्ताओं ने बदला लिया। यहां खाली कुर्सियों ने कांग्रेस के दिग्गज नेताओं को इस्तकबाल किया तो दिग्गजों का मूड ऑफ हो गया।
जीरो प्वाइंट दुर्ग नगला पर जरूर कुछ भीड़ थी लेकिन धमौरा में भी कार्यकर्ताओं की भीड़ नहीं देख नेता निराश हुए। मंडल के दौरे को देखकर नहीं लगता कि सड़कों पर दौड़ती कांग्रेस की ये एसी बस कांग्रेस को यूपी में उसकी खोई जमीन वापस दिलाने में कोई अहम रोल निभा सकेगी।