एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय द्वारा संस्थागत छात्रों की वार्षिक परीक्षाओं के फॉर्म भरवाना शुरू कर दिया है। कुछ ही दिनों में व्यक्तिगत छात्रों के फॉर्म के भी आवेदन शुरू हो जाएंगे। विश्वविद्यालय द्वारा वित्तविहीन कालेजों को केंद्र बनाए जाने की प्रक्रिया के कारण अभी इन छात्रों को इंतजार करना पड़ रहा है।
शिक्षकों का कहना है कि विवि की पहल से अशासकीय कालेजों को परीक्षा के समय व्यवस्थाओं की परेशानियों से बचाने और वित्तविहीन कालेजों को भी जिम्मेदारी संभालने का मौका मिलेगा।
शैक्षिक सत्र 2017-18 के लिए विश्वविद्यालय ने केंद्रीयकृत प्रवेश प्रणाली अपनाई थी। पहली बार यह व्यवस्था होने के कारण छात्रों को प्रत्येक चरण में परेशानियों का सामना करना पड़ा था। कई-कई बार मेरिट सूची निरस्त भी की गई। इन सभी समस्याओं के कारण 15 सितंबर तक प्रवेश प्रक्रिया चली थी। इसके बावजूद कालेजों में आधी सीटें रिक्त रह गई थीं।
वर्ष बचाने के लिए भीड़ उमड़ने की संभावनाअन्य वर्षों में कालेजों के पास प्रवेश प्रक्रिया की जिम्मेदारी होती थी। विलंब शुल्क के साथ भी बाद में छात्रों को रिक्त सीटों पर प्रवेश दे दिया जाता था, लेकिन इस बार छात्र इससे वंचित हो गए। अब विवि के अधिकारियों को उम्मीद है कि छात्र वर्ष बचाने के लिए व्यक्तिगत फॉर्म भरेंगे।
परीक्षा के समय अशासकीय कालेजों को परेशानी न हो, इसके लिए पहली बार वित्तविहीन कालेजों से केंद्र निर्धारण के आवेदन मांगे गए हैं।वित्तविहीन कालेजों को केंद्र निर्धारण से पहले मानकों के अनुरूप शिक्षकों की नियुक्ति, फर्नीचर की व्यवस्था, सीसीटीवी की अनिवार्यता जैसी मूलभूत सुविधाओं को पूरा करना होगा। इससे विवि को वहां की वास्तविक स्थिति की जानकारी मिल जाएगी।
कालेजों में बहुत कम संख्या में प्रवेश हुए हैं। अब वह छात्र व्यक्तिगत के रूप में प्रवेश लेंगे। अशासकीय कालेजों को व्यवस्थाओं को लेकर कोई परेशानी न हो, इसके लिए वित्तविहीन कालेजों का विकल्प दिया जा रहा है। विवि की अच्छी पहल है। इससे कालेजों को अपनी जिम्मेदारी का अहसास होगा।
अब विवि का दायित्व अच्छी छवि और व्यवस्था वाले कालेज को ही केंद्र बनाने की है। केंद्र निर्धारण की सूची एक-दो दिन में जारी हो जाएगी। उसके बाद वेबसाइट पर फॉर्म खुलने लगेंगे।
डॉ. छुट्टन खान, अध्यक्ष, वित्तविहीन शिक्षण संस्थान संगठन, एमजेपी रुहेलखंड विवि।