मुरादाबाद। एसएसपी के निर्देश पर ठाकुरद्वारा सीओ अनूप सिंह ने निजी अस्पताल के सुपरवाइजर भूपेंद्र हत्याकांड में आरोपी पुलिसकर्मियों के बचाने के आरोप की जांच शुरू कर दी है। सीओ ने दावा किया है कि भूपेंद्र ने खुद कोई इंजेक्शन लगाया था। संभवत: उसी से उसकी मौत हुई है। गांव में भूपेंद्र अवैध रूप से एक क्लीनिक भी चलाता था। पुलिस की सूचना पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर क्लीनिक को सील कर दिया है।
एक निजी अस्पताल में नर्सिंग सुपरवाइजर भूपेंद्र पांडे का चार दिन पहले पत्नी साधना से विवाद हो गया था। इस मामले में रामपुर जिले के मिलक थाना क्षेत्र के गंगापुर निवासी भूपेंद्र के सालों ने पुलिस को सूचना देकर मौके पर बुला लिया था। पुलिस उसे अपनी जीप में लाद कर ले भी गई थी, लेकिन कुछ देर बाद उसकी मौत हो गई। इसके बाद परिवार वालों ने पुलिस की पिटाई से भूपेंद्र की मौत का आरोप लगाते हुए हरिद्वार हाईवे पर जाम लगाया था। बाद में पुलिस ने मृतक भूपेंद्र के भाई की सोनू की तहरीर पर उसकी पत्नी साधना व दो सालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया था।
पुलिस ने इस मामले में भूपेंद्र की पत्नी साधना को शनिवार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। हालांकि मृतक भूपेंद्र का भाई सोनू पुलिस की इस कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगाता रहा। उसका कहना था कि उसने पुलिस के खिलाफ भी तहरीर दी थी, लेकिन पुलिस ने उसे धोखे में रखते हुए रिपोर्ट दर्ज करते समय पुलिस को बचा लिया। भूपेंद्र के भाई के इस आरोप की एसएसपी ने जांच कराने की बात कही थी। उनके निर्देश पर सीओ ठाकुरद्वारा अनूप सिंह ने रविवार थाने पहुंच कर घटना की जांच की। उन्होंने इस दौरान घटना के दिन पहुंचे पुलिस वालों के अलावा भूपेंद्र के बहनोई व गांव के अन्य कई लोगों को थाने बुलाकर उनसे भी पूछताछ की।
सीओ ने बताया कि जांच के दौरान भूपेंद्र के परिवार वालों द्वारा पुलिस की पिटाई से मौत के लगाए जा रहे आरोप गलत पाए गए हैं। पुलिस के पास इन सबके सबूत मौजूद हैं। भूपेंद्र को जीप बैठाते समय का वीडियो भी है। सीओ ने बताया कि जांच के दौरान यह तथ्य भी प्रकाश में आया है कि भूपेंद्र ने पुलिस के पहुंचने पर खुद को एक इंजेक्शन लगा लिया था। संभवत: उसी से उसकी मौत हुई होगी, लेकिन सही स्थिति विसरा रिपोर्ट आने पर ही पता चल सकेगी।
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भूपेंद्र अवैध रूप से चलाता था क्लीनिक: सीओ
मुरादाबाद। सीओ ने बताया कि जांच के दौैरान यह भी स्पष्ट हुआ कि भूपेंद्र गांव में अवैध रूप से क्लीनिक चलाता था। उसी क्लीनिक में रखे किसी एक इंजेक्शन के लगाने की बात जांच में सामने आई है। लिहाजा सीएमओ को सूचित किया गया। सीएमओ ने स्वास्थ्य विभाग की टीम को मौके पर भेज कर क्लीनिक को रविवार सील करा दिया है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से तहरीर मिलने पर अवैध रूप से क्लीनिक संचालित करने का मुकदमा भी दर्ज किया जाएगा।
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परिवार वालों ने की आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग
मुरादाबाद। मृतक भूपेंद्र के घर तीसरे दिन भी गांव के व अन्य रिश्तेदारों की भीड़ लगी रही। घटना के लिए कोई पुलिस को तो कोई पत्नी व उसके मायके पक्ष के लोगों को दोषी ठहरा रहा था। घर पर मौजूद परिवार की तमाम महिलाओं ने इस मामले में नामजद शेष आरोपियों व अन्य दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर घर पर कुछ देर प्रदर्शन भी किया।
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कोई निर्दोष नहीं भेजा जाएगा जेल
भूपेंद्र की मौत के मामले में पुलिस ने तमाम साक्ष्य एकत्र किए हैं। हम लोग पीड़ितों को न्याय दिलाएंगे। परिवार अथवा किसी अन्य के दबाव में किसी भी निर्दोष को जेल नहीं भेजा जाएगा। अगर कोई निर्दोष जेल चला गया है तो उसे भी जेल से रिहा कराने की कार्रवाई की जाएगी।
अनूप सिंह, सीओ ठाकुरद्वारा