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UP: चीन नहीं, संभल का बटन मचाएगा विदेशों में धूम, CM योगी ने CFC का किया लोकार्पण; इटली की टीम देगी प्रशिक्षण

Wed, 03 Jan 2024 10:55 PM IST
श्याम जी. अमर उजाला नेटवर्क, संभल

सार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संभल में सीएफसी का वर्चुअल लोकार्पण किया। इससे संभल के हस्तशिल्प कारोबारियों को ज्यादा मुनाफा होगा। सीएफसी का लोकार्पण होने से निर्यातकों में खुशी की लहर है।
 
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सीएम योगी आदित्यनाथ - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अब विदेशों में चीन का नहीं, बल्कि संभल का बटन धूम मचाएगा। कॉमन फैसलिटी सेंटर (सीएफसी) के शुरू होने से यह संभव हो रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को संभल के कॉमन फैसलिटी सेंटर (सीएफसी) का लोकार्पण किया। इससे संभल के हस्तशिल्प कारोबारियों को ज्यादा मुनाफा होगा। सीएम योगी ने लोकार्पण के बाद संबोधित करते हुए कहा कि सीएफसी बनने से संभल के हड्डी-सींग के हस्तशिल्प उत्पादों को नई पहचान मिलेगी और ज्यादा मुनाफा होगा। समय की बचत के साथ ही रोजगार बढ़ेगा। 

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संभल तहसील क्षेत्र के गांव रसूलपुर धतरा में बने सीएफसी पर 9.9 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। इसमें स्वदेशी और विदेशी आधुनिक मशीनें लगी हैं। सीएफसी से सबसे बड़ा लाभ बटन कारोबार को हुआ है, जो बटन कच्चे माल के रूप में चीन को निर्यात किया जाता था, वह अब पूरी तरह तैयार होकर विदेशों को जाएगा। इससे पूरी तरह लाभ निर्यातकों को मिलेगा और कारोबार बढ़ जाएगा और समय भी बचेगा। हॉर्न-बोन क्राफ्ट फाउंडेशन के डायरेक्टर कमल कौशल वार्ष्णेय ने बताया कि सीएफसी का लोकार्पण होने से निर्यातकों में खुशी की लहर है। अब कारोबार में ज्यादा मुनाफा होगा।

चीन कमाता था मुनाफा
संभल में हस्तशिल्प का कारोबार दशकों पुराना है। शुरुआत तो कंघी से हुई थी, लेकिन बटन से विदेशों में पहचान मिली। मशीनों की कमी के कारण बटन कच्चे माल के रूप में चीन के लिए निर्यात किया जाता है। अब सीएफसी में लगी मशीनों से बटन को पूरी तरह तैयार किया जाएगा। पूरी तरह तैयार होकर बटन विदेश भेजा जाएगा। निर्यातकों का कहना है कि चीन संभल के बटन को अपने नाम से यूरोप में बेचता था। अब वह ऐसा नहीं कर पाएगा, क्योंकि बटन को अब संभल से ही यूरोप में भेजा जाएगा।
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इटली की टीम संभल के कारीगरों को करेगी प्रशिक्षित
सीएफसी का संचालन 17 जनवरी से शुरू किया जाएगा। इटली से टीम को बुलाया गया है। टीम मशीनों के इस्तेमाल का प्रशिक्षण कारीगरों को देगी, जिससे वे माल को खुद ही तैयार कर सकें। फाउंडेशन के डायरेक्टर ताहिर सलामी ने बताया कि प्रशिक्षण पूरा होने के बाद कारीगर ही ऑपरेट करेंगे, जो शुल्क तय किया गया है। उससे ही सीएफसी का खर्च उठाया जाएगा।

लकड़ी सुखाने और डिजाइन देने का काम भी होगा
संभल में सींग-हड्डी के उत्पादों के साथ लकड़ी के उत्पाद बनाए जाते हैं। लकड़ी से बने हस्तशिल्प उत्पादों को बनाने के लिए लकड़ी को सुखाया जाता है। इसके बाद डिजाइन कर आकर्षक बनाया जाता है। इसके लिए निर्यातकों को मुरादाबाद जाना पड़ता था। इसमें समय भी लगता था और खर्चा भी ज्यादा आता था। सीएफसी पर यह सुविधा भी मिल सकेगी।

हड्डी-सींग उत्पाद को मिला हुआ है जीआई टैग
संभल के हड्डी-सींग हस्तशिल्प उत्पाद को जीआई टैग पिछले वर्ष मिला था। संभल के उत्पाद पूरी दुनिया में संभल के नाम से ही जाने जाएंगे। जीआई टैग से भी संभल के हस्तशिल्प कारोबार को बड़ा लाभ मिला है।

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