मुरादाबाद के बुद्वि विहार स्थित सामूहिक विवाह समारोह कार्यक्रम में बोलते मुख्यमंत्री योगी आदि?
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मुरादाबाद। सीएम सोमवार को सहकारिता विभाग के पांच गोदामों का तो लोकार्पण कर गए, लेकिन अभी भी जिले के अधिकांश गोदाम ऐसे हैं जिनके स्थान पर नये गोदामों का निर्माण होना बाकी है। इनमें से नौ गोदामों का तो बाकायदा एआर कोआपरेटिव द्वारा प्रस्ताव भी शासन को भेजा जा चुका है। लेकिन अभी उसकी स्वीकृति नहीं मिल सकी है।
जिले में 58 सहकारी समितियां हैं। इनमें से अधिकांश समितियों के गोदाम जर्जर अवस्था में हैं। कुछ समितियां किराये के भवन में चल रही हैं। जिसके कारण उनमें अधिक दिन तक रखी खाद नम (गीली) हो जाती है। इसके चलते किसान सहकारी समितियों से उर्वरक लेने के बजाय प्राइवेट दुकानों से क्रय करते हैं। इसका असर साधन सहकारी समितियों की आय पर सीधे तौर पर पड़ रहा है। एआर कोआपरेटिव जितेंद्र कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री के लोकार्पण के बाद जिले की पांच समितियों को नये गोदाम मिल गए हैं। इसका लाभ किसान व समितियों को मिलेगा। बताया जाता है कि जिले की अन्य कई समितियों के गोदामों की स्थिति भी ठीक नहीं है। इसमें से अल्लीपुर महमूदा नगला, अदलपुर, काजीखेड़ा समेत जिले की नौै साधन सहकारी समितियों के गोदाम आत्म भारत निर्माण योजना के तहत बनाए जाने का प्रस्ताव भी शासन को भेजा जा चुका है। इसमें प्रत्येक गोदाम के निर्माण में 30.91 लाख रुपये की लागत आएगी। लेकिन इसके निर्माण की मंजूरी अभी नहीं मिल सकी है। यही वजह रही कि सीएम के यहां आने के बाद भी इस कार्य का शिलान्यास नहीं किया जा सका। विभागीय अधिकारियों से लेकर संबंधित क्षेत्र के किसानों को इन नौ साधन सहकारी समितियों के गोदामों के शिलान्यास का इंतजार है।