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पूरे नहीं हुए अल्पसंख्यकों से किए वादे, बंद हो गई रोजगार योजना

Sun, 03 Jul 2016 11:31 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला/मुरादाबाद
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अल्पसंख्यक - फोटो : demo
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 सपा ने चुनाव में अल्पसंख्यकों से कई बिंदुओं पर वादे किए थे। यहीं नहीं सरकार में आने के बाद कई नई योजनाएं चलाई गई। दरगाहों को स्पेशल पैकेज, स्पेशल उर्दू स्कूल खोलनेे, जेल में बंद बेगुनाह मुस्लिम युवाओं को इंसाफ दिलाने का वादा सिर्फ वादा ही निकला। जबकि योजनाएं कागजों से निकल कर जमीन पर नहीं उतर पाई। मदरसों की तस्वीर जस की तस है। जिले में वर्ष 2013-14 की छात्रवृत्ति अभी तक नहीं बंट पाई। वहीं इस साल से छात्रवृत्ति पर रोक लगा दी गई है। बीस विभागों में 85 योजनाओं में बीस प्रतिशत अल्पसंख्यकों लाभ देने की योजना योजना ही रह गई। यही नहीं अल्पसंख्यकों की योजनाओं के लाभार्थियों तक की सूचनाएं नहीं है।   
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प्रदेश सरकार ने अल्पसंख्यकों के लिए शहरी रोजगार योजना चलाई थी। लेकिन योजना पांच महीने चलकर बंद हो गई। सरकार का कार्यकाल पूरा होने को है अभी तक स्पेशल उर्दू स्कूल नहीं खोले गए। बीस विभागों में संचालित 85 योजनाओं में अल्पसंख्यकों को लाभ नहीं मिला सका। जबकि इसका ऐलान किया गया था। सलीम बेग, आरटीआई एक्टिविस्ट

 योजना बहुत सी बनी, लेकिन अल्पसंख्यकों को इसका लाभ नहीं मिल सका। या ये कहे अल्पसंख्यकों की योजनाएं जमीन पर नहीं उतर पाई। इसके लिए राजनीतिक लोग भी जिम्मेदार हैं। तमाम मदरसों में अभी तक छात्रवृत्ति नहीं पहुंच पाई। आर्टीजन के जीवन शैली में सुधार के लिए योजना बनाई गई थी। लेकिन इसपर अमल नहीं हो सका। सैयद गानिब मियां- अध्यक्ष, ब्रास आर्टीजन सोसाइटी 
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 पूरी तरह से योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाया। प्रति माह शिक्षकों को वेतन देने का वाया किया था लेकिन इसे पूरा नहीं किया गया। मदरसोें के लिए कुछ भी नया नहीं किया गया। इस सरकार मेें मदरसा शिक्षकों जेल जाना पड़ा। वर्ष 2013-14 की छात्रवृत्ति नहीं मिल पाई। इस साल छात्रवृत्ति पर रोक लगा दी गई है। - मो. अजीमउल्लाह, जिलाध्यक्ष, इस्लामिक मदरसा आधुनिकीकरण शिक्षक संघ
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