मुरादाबाद। एमडीए के 110 दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों की समाप्त की गई सेवाएं बहाल किए जाने की मांग को लेकर सफाई कर्मचारी संगठनों के आह्वान पर शुक्रवार की गई हड़ताल का पुरजोर असर शहर में दिखाई दिया। इसके चलते शहर के मोहल्लों से लेकर प्रमुख सड़कों तक पर कूड़े के ढेर जहां-तहां पड़े दिखाई दिए। सफाई वाहन चालकों के भी इस हड़ताल में शामिल रहने के कारण शहर के डलावघरों, आरसी बिंस व डस्टबिनों समेत जहां-तहां सड़कों पर पड़े कूड़ों का भी उठान दोपहर तक ठप रहा। नगर मजिस्ट्रेट के आश्वासन के बाद दो बजे के बाद सफाई वाहनों से कूड़ों का उठान शुरू हो सका, लेकिन इसके बाद शुक्रवार मात्र 20 फीसदी ही कूड़े का उठान हो सका। सड़कों पर पड़े कूड़े से आती दुर्गंध के चलते लोगों को आवागमन में भी दिक्कत हुई।
सफाई कर्मचारियों की पूर्व निर्धारित इस हड़ताल से निपटने के लिए नगर आयुक्त ने गुरुवार सफाई कर्मचारियों से वार्ता की थी, लेकिन कोई हल न निकल पाने के कारण उन्होंने नगर की सफाई व्यवस्था बहाल रखने के उद्देश्य से शहर को नौ जोन में बांट प्रत्येक में अधीनस्थ अधिकारियों को लगाया था। डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन करने वाली कंपनी के कर्मचारियों को भी रणनीति के तहत काम करने को कहा था। इसके चलते सुबह कुछ मोहल्लों में निजी तौर पर घरों से कूड़ा एकत्र करने वाले सफाईकर्मियों के साथ-साथ डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन करने वाले कर्मचारियों ने कुछ घरों से कूड़ा एकत्र कर उसे डलावघरों, आरसी बिंस व डस्टबिनों में डाल दिया। लेकिन अधिकांश मोहल्लों में सफाईकर्मी पहुंचे ही नहीं। इससे अधिकांश मोहल्लों में सफाई व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई। तमाम लोगों ने सफाईकर्मियों के न आने पर स्वयं अपने घरों का कूड़ा घर के पास लगी डस्टबिन अथवा डंपिंग ग्राउंड में डाला। नगर निगम प्रशासन इन कूड़ों को डलावघरों से उठवाने का प्रयास करता कि इससे पहले ही प्रदेश सफाई कर्मचारी संघ के प्रांतीय उपाध्यक्ष ओमीलाल बाल्मीकि, भारतीय सफाई कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष मयंक, सफाई नायक एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष मुरारीलाल शेषन, सफाई वाहन चालक संघ के अध्यक्ष शिम्मू, लल्ला बाबू द्रविण, राजू, रिंकू, काके, अल्ले, राकेश, छोटेलाल, संतलाल, हरिओम बाल्मीकि, धर्मेंद्र मुल्तानी, सुनील कांत, हंसराज, छोटेलाल आदि
की अगुवाई में तमाम सफाईकर्मी गुलाबबाड़ी स्थित नगर निगम के गोदाम पहुंच गए और वहां खड़े सभी कूड़ा ढोने वाले वाहनों को बाहर निकलने ही नहीं दिया। इसके चलते शहर के सभी 104 स्थानों के डलावघर, आरसी बिंस व जगह-जगह रखीं डस्टबिन कूड़े से भर गईं। कई स्थानों पर डस्टबिन के भर जाने के कारण उसके आसपास सड़क पर भी कूड़ा पड़ा रहा। नगर मजिस्ट्रेट के आश्वासन के बाद सफाईकर्मियों ने हड़ताल स्थगित की। दो बजे के बाद गोदाम से कूड़ा ढोने के वाहन बाहर निकल अधिकारियों ने शहर से कूड़ा उठवाने का काम शुरू किया, लेकिन देर सायं तक 20 फीसदी कूड़े का ही उठान हो सका था।
सुबह डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन करने वाली एक एजेंसी से जुड़े कर्मचारियों ने 38 वार्डों में कूड़ा कलेक्ट करने काम किया। शेष में काम करने वाली एजेंसी को चंद दिन पहले ही वर्क आर्डर जारी किया गया है, लेकिन वह काम शुरू नहीं कर सकी थी। कूड़ा उठान न होने के कहीं भी लोगों को दिक्कत नहीं होने दी गई। दो बजे के बाद से डंप कूड़े के उठान का भी काम शुरू करा दिया गया।
- संजय चौहान, नगर आयुक्त