कुंदरकी। पांच दिन तक जिंदगी और मौत के बीच जूझने वाले मासूम अब्दुल समद ने आखिरकार इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। खेलते समय छत से सड़क पर गिरने से उसके सिर में गंभीर चोटें आई जिनसे वह उभर नहीं पाया। वहीं शव घर पहुंचने पर परिजनों में चीत्कार मच गई।
गौरतलब है कि कुंदरकी नगर के मोहल्ला सादात पश्चिमी निवासी अब्दुल समद 11 वर्ष पुत्र बबलू बीते दो अक्तूबर की देर शाम में अपने मकान की छत पर परिवार के अन्य बच्चों के साथ खेल रहा था। बताते हैं कि खेलने के दौरान अब्दुल समद का अचानक शारीरिक संतुलन बिगड़ गया और वह पैंठ बाजार को जाने वाली सड़क पर सिर के बल गिरा गया। हादसे में मासूम के सिर में गंभीर चोटें आने से उसके मुंह, नाक और कानों की खून बहने लगा था जिसको परिजनों ने लहूलुहान हालत में इलाज के लिए मुरादाबाद के निजी अस्पताल में ले जाकर भर्ती कराया। वहां पर पांच दिन तक अब्दुल समद का इलाज चला लेकिन उसकी जान नहीं बच सकी। मंगलवार को मुरादाबाद से जब मासूम का शव से कुंदरकी में उसके घर पर एंबुलेंस से पहुंचा तो परिजन गम से बेहाल हो उठे। शव पर माता-पिता के अलावा भाई बहन गम से बेहाल हो उठे जिनको सगे संबंधी और रिश्तेदार ढाढ़स बंधाते नजर आए। वहीं परिजनों ने मंगलवार की शाम में बालक के शव को गमगीन माहौल में सुपुर्द ए खाक कर दिया गया।