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औकात से बड़े सपने देखो, मेहनत करो.. सफलता कदम चूमेगी

Sun, 19 Nov 2017 12:47 AM IST
मुरादाबाद/अमर उजाला ब्यूरो
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chetan bhagat - फोटो : अमर उजाला
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युवाओं और बच्चों से खचाखच भरा पंचायत भवन का परिसर। चारों तरफ विख्यात लेखक लेखक चेतन भगत को सुनने की बेसब्री। जैसे ही चेतन भगत ने मंच पर कदम रखा, पूरा परिसर तालियों और सीटियों की आवाज से गूंज गया। शनिवार को मौका था अमर उजाला और स्कॉलर्स डेन के कार्यक्रम मेगा माइंड्स का।

उन्होंने भी बच्चों को मायूस नहीं होने दिया। सवाल-जवाब के जरिए उनसे व्यक्तिगत तौर पर रूबरू हुए। उन्हें सफलता का मंत्र दिया कि सपने औकात से बड़े होने चाहिए। सपना पूरे करने की हर मुमकिन कोशिश करो। दुनिया आपकी सफलता की कायल हो जाएगी। बाद में परीक्षा में सफल विद्यार्थियों और सेमिनार में सबसे अधिक प्रतिभाग कराने वाले स्कूलों को सम्मानित किया।
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सफलता के मायने सभी के लिए अलग
चेतन भगत ने कहा कि जरूरी नहीं, जिस काम को हम सफल मानते हैं, लोग भी उसे सफल मानें। सफलता के मायने सभी के लिए अलग-अलग होते हैं। किसी के लिए परिवार की खुशी, किसी के लिए पैसा सफलता का पैमाना हो सकता है, लेकिन असली सफलता वही है, जब आप अपनी औकात से बढ़कर सपने देखते हो और उसे हासिल कर लेते हो।

छोटे-छोटे लक्ष्य निर्धारित करो
उन्होंने बताया कि हमारी जिंदगी रोज के छोटे-छोटे लक्ष्यों से भरी हुई है। जब हम बिना मन के कोई काम करते हैं तो दिमाग को धक्का लगाना पड़ता है। इसलिए पहले हमें अपने दिमाग को समझना बहुत जरूरी है। धक्कामार योजना से छोटे लक्ष्यों को पूरा कर सकते हैं, लेकिन बड़े लक्ष्य के लिए दिनरात मेहनत करनी पड़ती है।

जब दिमाग को नहीं पता होता कि क्या करना है तो दिमाग उससे भागने की कोशिश करता है। इसलिए उसे छोटे-छोटे हिस्सों में बांट लेना चाहिए। प्रतिदिन उस पर काम करो। यदि बीच में रुकावट आ भी जाए तो दूसरे दिन दोगुने आत्मविश्वास से उसमें जुट जाओ।

सफलता के छह पैमाने
स्पष्ट लक्ष्य, उसे करने का कारण, अच्छी संगत, करने की विस्तिृत योजना, निराशा रहित व्यवहार और विश्वास इन छह पैमानों पर चलकर बड़े से बड़े और अविश्वसनीय लक्ष्य को आसानी से प्राप्त किया जा सकता है।

इन स्कूलों को मिला पुरस्कार
मेगा माइंड्स प्रतियोगिता में सबसे अधिक बच्चों को प्रतिभाग कराने के लिए दयावती मोदी अकादमी रामपुर, पीएमएस पब्लिक स्कूल, हिल्टन अकादमी अमरोहा, सेंट मीरा अकादमी, स्पिंग फील्ड्स कालेज को 50-50 हजार रुपये नगद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।

साथ ही परीक्षा में पहले तीन स्थानों पर रहे विद्यार्थियों को एक लाख, 75 हजार और 50 हजार रुपये का सम्मान दिया गया। इस दौरान स्कॉलर्स डेन के निदेशक विवेक ठाकुर ने चेतन भगत को स्मृति चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया। आरपी राठौर, वंदना शर्मा, युवनेश पांचाल, मुक्ति ढल आदि मौजूद रहे।

यूं चला सवाल-जवाब का दौर
एक छात्र ने पूछा कि कभी असफलता का सामना किया है तो उन्होंने बताया कि पहली फिल्म हैलो जो उनके उपन्यास वन नाइट एट द रेट द कॉल सेंटर पर बनी थी। वह नहीं चली तो बहुत निराशा हुई। लगा कि फिल्मों में कुछ नहीं कर सकता। उसके बाद जब थ्री इडियट्स रिलीज हुई और सुपरहिट साबित हुई तो सबकुछ बदल गया।

एक छात्रा ने कहा कि वह अवसादग्रस्त है तो चेतन भगत ने बताया कि खुशी चलकर नहीं आती है। सुबह उठो और खुद से संकल्प लो कि दिनभर खुश रहना है। फिर उन्हीं कामों को करो, जो तुम्हें खुशी देते हैं। यदि कोई नकारात्मक व्यक्ति आपकी जिंदगी में है तो उससे दूरी बना लो। यदि जिंदगी में कभी उतार-चढ़ाव आते हैं तो उनके बारे में सोेचे बगैर अपने लक्ष्य निर्धारित करो और उसी के पीछे चलते रहो। दिमाग को भी व्यस्त रखो।



एसटीडी बूथ खोलने का था सपना
अपने जीवन के बारे में बताते हुए कहा कि 15 वर्ष की उम्र में उन्होंने हाईस्कूल किया। उन्हें 76 फीसदी अंक प्राप्त हुए। परिजनों और रिश्तेदारों ने कहा कि ठीक है, जिंदगी में कुछ कर लेगा। उस समय फोन की तकनीक नई होने के कारण उन्होंने अपने जिंदगी में एसटीडी बूथ खोलने का सपना देखा था।

योजना थी कि तीन-चार एसटीडी बूथ खोल लेंगे। परिजनों को इसी में संतोष था, लेकिन कुछ दिनों बाद उनके मन में देश की सबसे कठिन परीक्षा को पास करने का विचार आया। लोगों से पूछने पर उन्होंने आईआईटी को पास करना सबसे कठिन बताया। चुपचाप इसकी तैयारी शुरू कर दी। स्कूल में दो-तीन दोस्तों को ढूंढा जो आईआईटी की तैयारी कर रहे थे।

आईआईटी में पढ़ाई के दौरान मन में कुछ और करने की सोची। भारतीय प्रबंधन संस्थान से एमबीए किया। हांगकांग में बैंक में जॉब की। फिर मन नहीं लगा तो आईआईटी के दिनों पर किताब लिखने का विचार आया। फिर फिल्मों में भी प्रयास किए।
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उन्होंने बताया कि मध्यमवर्गीय परिवार से ताल्लुक रखने और औसत छात्र होने के नाते यह सब कुछ बहुत मुश्किल लगता है, लेकिन अपनी औकात से बड़े सपने देखे और दिनरात मेहनत की, आज परिणाम सबके सामने है।



 
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