नोटबंदी ने क्रिसमस का मजा भी किरकिरा कर डाला है। सबसे ज्यादा दिक्कत सांता (पैरेंट्स) को हुई जो इस बार चाहकर भी बच्चों को गिफ्ट नहीं पहुंचा सके। तमाम बच्चे मायूस रह गए तो सांता (पैरेंट्स) को भी बच्चों को गिफ्ट न दे पाना अखरता रहा। पर सांता कर भी क्या सकते थे।
नोटबंदी ने जेब खाली कर दी है। रविवार को क्रिसमस पर तो बैंक बंद रहेंगे ही शनिवार को बैंकों की बंदी ने कैश मिलने की रही सही उम्मीद भी खत्म कर दी। एटीएम से थोड़ी बहुत उम्मीद थी लेकिन दो - तीन को छोड़ शहर के सभी एटीएम के भी शटर डाउन मिले।
शनिवार को महीने का चौथा शनिवार होने की वजह से बैंकों में अवकाश था। लिहाजा क्रिसमस की तैयारियों के लिए लोग बैंकों से पैसा नहीं निकाल सके। लोगों को उम्मीद थी की क्रिसमस का त्योहार होने के कारण बैंक अपने एटीएम में कैश लोड करेंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। शनिवार को महानगर के अधिकांश एटीएम बंद रहे।
दो से तीन एटीएम से ही कैश निकल पाया। कैश के लिए लोग एक से दूसरे एटीएम पर भटकते रहे। जिन एटीएम में कैश था वहां लोगों की लंबी लाइनें लगी थीं। घंटों इंतजार के बाद भी अधिकांश लोगों को कैश नहीं मिल पाया।
एटीएम में कैश समाप्त हो जाने के बाद लोगों को निराश लौटना पड़ा। महानगर में देना बैंक, आईसीआईसीआई और पीएनबी के एक-एक एटीएम से कैश की निकासी हुई। बाकी सभी बैंकाें के सैकड़ों एटीएम बंद रहे।