पब्लिक और सरकार की जमीनों पर कब्जा करने में माहिर मुरादाबाद के ‘नेता गैंग’ के स्क्रू अब टाइट होने लगे हैं। चुनाव की आहट पर नेताओं को दायरे में रहने की नसीहतें मिलने लगी हैं। कुछ को नेताजी की फटकार भी मिल चुकी है। यही वजह है कि कुछ नेताओं के ‘बोल’ बदल गए हैं। जबकि कुछ अभी तक जमीनों का मोह छोड़ने को तैयार नहीं।
‘नेता गैंग’ के कारनामों की गूंज लखनऊ तक पहुंच चुकी है। शहर में जमीनों पर अवैध कब्जों को लेकर आए दिन ‘नेता गैंग’ का नाम उछलता रहा है। ‘नेता गैंग’ की दहशत में पब्लिक ने अपने खाली पड़े भूखंडों की रातोंरात बाउंड्री करानी शुरू कर दी है। पावरफुल नेताओं का ये ‘गैंग’ पहले विवादित जमीनों पर कब्जे करता था लेकिन बाद में पुलिस के कुछ अफसरों की सरपरस्ती हासिल होने से ‘नेता गैंग’ ने शहर में खाली पड़े हर प्लाट पर नजरें गड़ा दीं।
फर्जी कागजों के जरिए जमीनों पर विवाद पैदा करके ‘नेता गैंग’ जमीनों पर अवैध कब्जे करता है या फिर विवाद पैदा करके समझौते की एवज में लाखाें रुपये ऐंठता है। नेता पावरफुल हैं लिहाजा मर्जी के लेखपाल, तहसीलदार और दूसरे अफसर तैनात करा लेते हैं, जिससे अवैध कब्जों के लिए जरूरी रिकार्ड और पुलिस सपोर्ट मिल सके। लेकिन अब ‘नेता गैंग’ की हरकतों पर आलाकमान सख्त हो गया है।
लखनऊ से कुछ नेताओं को कड़ी फटकार पड़ी है। जिसके बाद उनके सुर बदल गए हैं। लेकिन ‘नेता गैंग’ के तमाम नेता अभी भी आलाकमान की आंखों में धूल झोंक रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि आलाकमान ने ‘नेता गैंग’ का कच्चा चिट्ठा जुटाने का जिम्मा जिले के टॉप अफसरों को सौंप दिया है। ये अफसर नेताओं का रिपोर्ट कार्ड तैयार करके हाईकमान को भिजवाएंगे।