कुंदरकी थाना क्षेत्र के गांव हाथीपुर चित्तू के पास संचालित एक ईंट-भटठे पर मजदूरों को बंधक बनाकर काम कराने के मामले में पुलिस ने भट्ठा संचालक और ठेकेदार पर मुकदमा दर्ज किया है। शिकायत मिलने पर एसडीएम ने निरीक्षण के लिए नायब तहसीलदार विजय कुमार श्रीवास्तव, श्रम प्रर्वतन अधिकारी एके पांडेय और हलका दरोगा दिनेश चंद्र शर्मा की टीम को ईंट-भट्ठे पर भेजा था।
टीम ने 15 दिसंबर की रात 11 बजे ईंट-भट्ठे पर जाकर जांच की तो संभल जनपद के असमौली थाना क्षेत्र के गांव मुबारकपुर निवासी चार मजदूर संजीव कुमार, गौरव, नौशाद अली और नरेश गांव हाथीपुर चित्तू स्थित अजहरी ब्रिक वर्क्स के एक कमरे में बंद मिले। जिनको बाहर निकाला गया।
जांच टीम ने श्रमिकों के बयान लिए। इसमें श्रमिकों ने बताया कि ईंट-भट्ठे पर काम करने के लिए आए थे, लेकिन ठेकेदारों ने निर्धारित मजदूरी नहीं दे रहे थे, तो उन्होंने काम करने से मना कर दिया। इसके बाद ठेकेदार सभी श्रमिकों को रात नौ बजे ईंट-भट्ठे के एक कमरे में बंद कर दिया।
प्रशासनिक टीम ने चारों को पहुंचकर मुक्त कराया था। इसके बाद श्रमिकों की इच्छा के अनुसार प्रशासनिक टीम ने उनके घरों को भेज दिया गया।
प्रभारी निरीक्षक शैलेंद्र कुमार ने बताया कि श्रम प्रवर्तन अधिकारी एके पांडेय की तहरीर पर अजहरी ब्रिक वर्क्स के सेवायोजक कादिर हुसैन के अलावा संभल जिले के असमौली थाना क्षेत्र के गांव मुबारकपुर निवासी ठेकेदार नासिर व रामपुर जिले के सैफनी क्षेत्र के गांव दनियापुर निवासी अमित के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।