मुरादाबाद। कैंसर से जूझ रहे मरीजों के लिए जिला अस्पताल में कैंसर डे-केयर सेंटर बनाया जाएगा। यह प्रस्ताव जून 2025 में लाया गया था। अब इस पर स्वास्थ्य निदेशालय की मुहर लग गई है। जिला अस्पताल के अधिकारियों से डॉक्टरों व नर्सिंग स्टाफ के नाम ट्रेनिंग के लिए मांगे गए हैं। कैंसर ट्रीटमेंट के लिए इन्हें केजीएमयू लखनऊ में प्रशिक्षण दिया जाएगा।
इससे उम्मीद बंध गई है कि कैंसर से जूझ रहे मरीजों को सरकारी अस्पताल में बड़ी सुविधा मिलेगी। अस्पताल से फिजिशियन डॉ. आशीष सिंह समेत चार लोगों का नाम ट्रेनिंग के लिए भेजा गया है। दावा किया जा रहा है कि कैंसर डे केयर सेंटर पर बायोप्सी से लेकर दवाओं व कीमोथेरेपी की सुविधा भी मिलेगी। डॉक्टरों व स्टाफ की ट्रेनिंग पूरी होने के बाद अस्पताल में जगह चिह्नित कर कैंसर डे-केयर सेंटर शुरू किया जाएगा। इसके लिए शासन को यहां ऑन्कोलॉजिस्ट व रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती करनी पड़ सकती है। अब विभाग के पास तैयारियां शुरू करने का पत्र आया है। यह अभी तय नहीं है कि इस सेंटर में कितने बेड की व्यवस्था होगी। सेंटर में मरीजों को कीमोथेरेपी, जांच, परामर्श, दवा वितरण और फॉलोअप जैसी सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जाएंगी। जरूरतमंद मरीजों को दिल्ली या ऋषिकेश एम्स की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। चिह्नित मरीज को नियमित रूप से कीमोथेरेपी के लिए बुलाया जाएगा, ताकि इलाज में निरंतरता बनी रहे और परिणाम बेहतर मिल सकें। मरीजों और उनके परिजनों को मानसिक और चिकित्सीय परामर्श भी लगातार दिया जाएगा, जिससे बीमारी से लड़ने की हिम्मत बनी रहे।
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पैलिएटिव केयर वार्ड में नहीं आ रहे मरीज
मुरादाबाद। जिला अस्पताल में कैंसर की अंतिम स्टेज के मरीजों के लिए छह बेड का पैलिएटिव केयर वार्ड भी बनाया गया है। हालांकि इसमें एक साल से कोई मरीज नहीं आया है। इसमें उन मरीजों के लिए व्यवस्था है, जिनकी बीमारी लाइलाज हो चुकी है। उन्हें दर्द निवारक इंजेक्शन, दवाइयां, मानसिक स्वास्थ्य के लिए थेरेपी व अन्य जरूरी सुविधाएं देने की व्यवस्था है। हाल ही में जिला अस्पताल के ईएमओ डॉ. एसपी सिंह व तीन नर्सिंग स्टाफ को आईसीयू संचालन का प्रशिक्षण भी केजीएमयू लखनऊ में दिया गया है। ब्यूरो
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नए साल में एमआरआई जांच शुरू होने की उम्मीद
मुरादाबाद। जिला अस्पताल में एमआरआई भवन चार साल पहले बन गया लेकिन मशीन अब तक नहीं लग पाई। स्वास्थ्य निदेशालय व स्थानीय अधिकारियों के बीच बातचीत के आधार पर यह कहा जा रहा है कि मुरादाबाद समेत प्रदेश के 18 मंडलों में एमआरआई मशीन के लिए टेंडर हो चुका है। जल्द ही मंडलीय अस्पतालों में मशीन लग जाएगी। हालांकि अभी यह तय नहीं हुआ है कि यह महंगी जांच सरकारी अस्पताल में निशुल्क होगी या रियायती दरों पर सुविधा मिलेगी। निजी अस्पतालों में इस जांच की कीमत छह हजार से 20 हजार रुपये तक है। ब्यूरो
कैंसर डे-केयर सेंटर के संचालन के लिए लखनऊ से डॉक्टरों व तीन नर्सिंग स्टाफ के नाम मांगे गए हैं। हमने फिजिशियन व नर्सिंग स्टाफ का नाम भेज दिया है। अस्पताल में कैंसर के मरीजों को इलाज मिलेगा तो लोगों का सरकारी सेवाओं पर भरोसा बढ़ेगा।
- डॉ. संगीता गुप्ता, प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक