संवाद न्यूज एजेंसी
कांठ। क्षेत्र की नहरे सूखी और खेत प्यासे हैं। किसानों ने नहरों की साफ-सफाई कराकर पानी दिए जाने की मांग की है। धान की कटाई के बाद सरसों और गेहूं की बोआई के लिए खेत तैयार किए जाने हैं, इससे पहले खेतों में पलेवा भी होना है।
किसानों का कहना है कि वहीं गन्ने की फसल को भी सिंचाई की जरूरत है। लेकिन नहरों में पानी तो दूर अभी तक सफाई कार्य भी शुरू नहीं हो पाई है। दीपक चौहान, वीर सिंह, जितेंद्र सिंह, हरपाल सिंह, भूपेंद्र सिंह आदि किसानों का कहना है कि गेहूं की बोआई के लिए सबसे उपयुक्त समय 15 नवंबर होता लेकिन नहरों में पानी नहीं है।
कांठ निवासी किसान विजयपाल सिंह, सोमवीर सिंह, राजवीर सिंह, समरपाल सिंह, मनोहर, राहुल कुमार आदि ने नहरों की जल्द से जल्द सफाई कराकर पानी की आपूर्ति दिए जाने की मांग की है।
वहीं भारतीय किसान यूनियन टिकैत के प्रदेश उपाध्यक्ष चौधरी ऋषिपाल सिंह का कहना है कि यदि नहरों में पानी की आपूर्ति देने में देरी की गई तो सिंचाई विभाग के खिलाफ भाकियू आंदोलन करने को मजबूर होगी। आगामी पंचायत में नहरों का मुद्दा जोरदार ढंग से उठाया जाएगा।