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जुटी भीड़ तो कम पड़ गईं बसें, यात्रियों ने दिनभर झेलीं दुश्वारियां

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मुरादाबाद। परिवहन निगम की ज्यादातर बसों को विधानसभा चुनाव के मद्देनजर अधिग्रहीत किया गया है। नतीजतन कई रूटों पर बसों की किल्लत से यात्रियों के बीच आपाधापी मच गई। रविवार को पूरे दिन शहर के मुरादाबाद डिपो और पीतलनगरी डिपो पर लोग बसों के आने का इंतजार करते रहे। यात्रियों की भीड़ अधिक होने के कारण बसें आते ही भर जाती थीं। ऐसे में महिलाएं, वृद्ध और दिव्यांगों को काफी मुसीबतें झेलनी पड़ीं। लोग चाहकर भी बसों में नहीं चढ़ पाए और दूसरी बस का इंतजार करने को मजबूर दिखाई दिए।
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दोपहर 01.20 बजे (मुरादाबाद डिपो) फोटो
मुरादाबाद। मुरादाबाद डिपो पर लंबे रूट जैसे हरिद्वार, देहरादून, दिल्ली जाने के लिए यात्रियों की कमी थी। जबकि जोया, अमरोहा, धामपुर, गजरौला आदि नजदीकी स्थानों पर जाने वाले यात्रियों की संख्या काफी अधिक थी। बस चालकों ने कहा कि जब तक लंबे रूट की कम से कम 20 सवारियां नहीं होंगी, तब तक नजदीक के यात्रियों को लेकर बस नहीं चलाई जाएंगी। इससे आसपास 50-70 किमी दूरी तक जाने वाले लोग परेशान दिखाई दिए। खासकर महिलाओं को छोटे बच्चों के साथ दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
दोपहर 1.40 बजे (काशीपुर बस स्टैंड) फोटो
मुरादाबाद। मुरादाबाद से काशीपुर, शहीद ऊधम सिंह नगर, हल्द्वानी और उत्तराखंड के अन्य रूटों पर चलने वाली प्राइवेट बसों की भी किल्लत रही। काशीपुर बस स्टैंड (प्राइवेट) पर दोपहर 1.40 बजे कोई बस नहीं थी। बस स्टैंड के बाहर बाहर ऑटो चालकों ने कतार बनाकर ऑटो खड़े किए हुए थे। इनमें बैठकर यात्री रोडवेज बस अड्डों पर पहुंचे। प्राइवेट बस स्टैंड प्रबंधक ने कहा कि सभी बसें चुनाव के लिए अधिग्रहीत कर ली गई हैं।
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दोपहर दो बजे (पीतलनगरी डिपो) फोटो
मुरादाबा। शहर से संभल-चंदौसी, अमरोहा, अलीगढ़, हल्द्वानी आदि रूटों पर जाने वाले यात्रियों को सबसे ज्यादा परेशानी हुई। रविवार दोपहर दो बजे पीतलनगरी डिपो पर आलम यह था कि चंदौसी की बस में चढ़ने के लिए एक महिला बस की खिड़की से ढाई साल के बच्चे को अंदर धकेलती दिखी। धक्कामुक्की में बच्चा गिरने से बच गया। इसके अलावा कुछ अन्य लोगों ने भी मजबूरन बसों में खिड़कियों से प्रवेश किया।
हमें चंदौसी जाना है। दोपहर 12 बजे से बस अड्डे पर बैठे हैं और दो घंटे बाद भी सिर्फ इंतजार कर रहे हैं। दो बसें आई थीं, लेकिन भीड़ बहुत ज्यादा थी। छोटे बच्चे साथ में हैं। इसलिए हम जल्दी नहीं चढ़ सके। कोई प्राइवेट बस भी नहीं मिल रही है।
- नन्हे सिंह
अलीगढ़ की बस के इंतजार में दोपहर एक बजे से खड़ा हूं। अब जो बस डिपो पर खड़ी है, उसमें बिल्कुल जगह नहीं है। जबकि बस को आए सिर्फ दो-तीन मिनट हुए हैं। एक वृद्ध महिला बस में चढ़ने के लिए काफी परेशान थीं। मैंने उन्हें चढ़ा दिया, लेकिन भीड़ के कारण खुद नहीं चढ़ सका।
- कौशल चौहान
मैं अपने भाई के साथ सुबह11.30 बजे पीतलनगरी डिपो पर आया था। हमें हल्द्वानी जाना है, लेकिन अभी तक कोई बस नहीं मिली है। परेशान होकर मैं प्राइवेट बस में जाने का मन बनाकर स्टैंड पर गया, लेकिन वहां भी कोई बस नहीं मिली। अब इंतजार के अलावा कोई रास्ता नहीं है।
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- महेंद्र सिंह
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