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बसपा ने बिलारी के दलित वोटराें को चार करोड़ रुपये में बेचा

Fri, 12 Aug 2016 11:41 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला/मुरादाबाद
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बसपा - फोटो : demo
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 बुधवार को बसपा से निकाले गए बिलारी सीट से घोषित प्रत्याशी अनिल चौधरी ने गुरुवार को पत्रकार वार्ता में बसपा के एक राष्ट्रीय महासचिव पर कड़े प्रहार किए। उन्होंने बिलारी के दलित वोटराें को चार करोड़ रुपये में बेचने का आरोप भी लगाया।
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बृहस्पतिवार की अपराह्न नगर में मुरादाबाद रोड स्थित अपने कैम्प कार्यालय पर अनिल चौधरी ने समर्थकाें की भीड़ के बीच पत्रकार वार्ता बुलाई। अनिल बोले कि उन्हें अखबार में प्रकाशित समाचार के जरिए पता चला कि बसपा ने उनका टिकट काटने के अलावा पार्टी से भी आउट कर दिया है।

अनिल चौधरी ने कहा कि उन पर अनुशासन हीनता करने और पार्टी विरोधी गतिविधियाें में लिप्त रहने का आरोप पूरी तरह निराधार है। बसपा हाईकमान ने इस संबंध में उन्हें कोई नोटिस दिए बगैर ही अलोकतांत्रिक और तानाशाही भरा पार्टी से निकालने का फैसला सुना दिया। 
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अनिल चौधरी ने बसपा के एक राष्ट्रीय महासचिव को निशाने पर लेते हुए कहा कि बिलारी के दलित वोटराें की भावनाओं से खिलवाड़ करते हुए यहां के दलित वोटराें का चार करोड़ रुपये में सौदा कर दिया गया। अनिल ने कहा कि टिकट देने के नाम पर उनसे इतना धन लिया गया कि उन्हें अपने दो मकान भी बेचने पड़े। उनसे सपा छुड़वाकर यह वादा करते हुए बसपा में लाया गया कि वही बिलारी से बसपा के प्रत्याशी होंगे।

अनिल ने कहा कि बिलारी से बसपा का टिकट देने के लिए उनसे जिस नेता ने जो भी लेनदेन किया उसके पूरे साक्ष्य की सीडी उनके पास मौजूद है। बसपा के बड़े दलाल पार्टी का विधानसभा टिकट देने के नाम पर क्या क्या खेल खेल रहे हैं इसका खुलासा वह आगामी 23 अगस्त को बिलारी में होने जा रही महान जनसभा में करेंगे। 

संबंधित समाचार फोटो परिचय
24,25,26- बिलारी नगर में समर्थकाें के साथ पत्रकाराें से वार्ता करते बसपा से निकाले गए अनिल चौधरी

बिलारी से निर्दलीय चुनाव भी लड़ सकते हैं अनिल चौधरी
बिलारी। बसपा से आउट किए गए अनिल चौधरी बिलारी सीट से निर्दलीय के रूप में भी चुनाव लड़ सकते हैं। गुरुवार को उनके आवास और कैंप कार्यालय पर बड़ी संख्या में समर्थक पहुंचे और उन्होंने मांग उठाई कि वह हर हाल में बिलारी सीट से आगामी विधानसभा चुनाव लड़ेें। हालांकि  अनिल चौधरी ने चुनाव लड़ने की बाबत कहा कि 23 अगस्त की जनसभा में जैसा समर्थक कहेंगे वह वैसा ही निर्णय लेंगे। 

पहले भी बसपा से काटा गया था अनिल का टिकट
बिलारी। नगर निवासी अनिल चौधरी को चार साल पहले भी बसपा हाईकमान से टिकट काटे जाने का जख्म मिल चुका है। नौ अक्तूबर 2011 को अनिल चौधरी को बसपा हाईकमान ने नई बनी बिलारी विधानसभा सीट से अपना प्रत्याशी घोषित किया था। नामांकन होने के लगभग 20 दिन पहले अचानक 15 जनवरी 2012 को अनिल चौधरी को टिकट काटकर लाखन सिंह सैनी को बसपा ने प्रत्याशी बना दिया। 

16 मई 2015 को बिलारी से बसपा प्रत्याशी घोषित हुए थे अनिल
बिलारी। नगर के रामरतन इंटर कालेज में 16 मई 2015 को बसपा का एक विधानसभा स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित किया था। इस सम्मेलन में मुख्य अतिथि के हैसियत से आए बसपा के राष्ट्रीय महासचिव नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने अनिल चौधरी को बिलारी सीट से बसपा का अधिकृत प्रत्याशी घोषित किया था। सभा के अंत में जब भीड़ ने शोर मचाते हुए यह आवाज उठाई थी कि इस बार पहले की तरह आखिर में टिकट तो नहीं कटेगा तब भाषण खत्म करने के बाद दोबारा माइक संभालते हुए नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने कहा था कि यह नसीमुद्दीन की जुबान है जो कह दिया वह हमेशा अटल रहेगा। 

बसपा में कई जिम्मेदार पदाें पर रहे हैं अनिल चौधरी
बिलारी। नगर निवासी अनिल चौधरी बसपा में जाट समाज भाईचारा कमेटी के मंडल अध्यक्ष रहने के अलावा तीन साल तक बिलारी विधानसभा क्षेत्र अध्यक्ष रहे। दो साल तक बिलारी विधानसभा प्रभारी और एक साल जिला सचिव रहे। 2000 में अनिल चौधरी ने बिलारी नगर में भाजपा के टिकट पर पालिकाध्यक्ष का चुनाव लड़ा था। 2003 में वह बसपा में शामिल हुए थे और 15 जनवरी 2012 को जब बसपा ने टिकट काट दिया था तब 16 फरवरी 2012 को बिलारी में सपा नेता मोहम्मद आजम खां की जनसभा में सपा में शामिल हो गए थे। 15 मई 2015 को सपा को अलविदा कहते हुए वह अपनी पुरानी पार्टी बसपा में चले गए थे।
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