मुरादाबाद। जिला पंचायत सदस्य पद के लिए घोषित समर्थित प्रत्याशी समेत तीन को बसपा ने पार्टी से निष्कासित कर दिया है। इन पर पंचायत चुनाव में समर्थित उम्मीदवारों का विरोध करने का आरोप लगाया गया है। वहीं निकाले गए नेताओं ने पार्टी पदाधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाया है। हालांकि जिलाध्यक्ष ने इन आरोपों से इनकार किया है।
बसपा ने 14 अप्रैल को सूची जारी कर जिला पंचायत सदस्य पद के लिए वार्ड 21 से मंगल सेन सैनी को समर्थित प्रत्याशी घोषित किया था। इसके अलावा वार्ड 11 से कयामुद्दीन सैफी और वार्ड 33 से अनीस चौधरी टिकट मांग रहे थे। जबकि पार्टी ने 21 से मुशाहिद हुसैन, वार्ड 11 से सत्यवीरी देवी को अपना उम्मीदवार बनाया था। बसपा जिलाध्यक्ष वेद प्रकाश सिंह ने बताया कि मंगल सेन सैनी, कयामुद्दीन सैफी, और अनीस चौधरी खुद को बसपा समर्थित प्रत्याशी बताकर रहे थे। पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त पाए जाने पर तीनों को बसपा से निष्कास्ति कर दिया गया है। मंगल सेन सैनी ने पार्टी पर प्रत्याशी घोषित करने के लिए धनबल का आरोप लगाया है। कयामुददीन सैफी ने बताया कि वह पंद्रह सालों से पार्टी में काम कर रहे हैं लेकिन पार्टी ने उसकी सेवाओं ने नहीं देखा है। अनीस चौधरी ने पार्टी से निष्कासित किए जाने पर अनभिज्ञता जाहिर की। कहा उन्हें जानकारी हैं। इधर जिलाध्यक्ष बसपा वेदप्रकाश सिंह ने बताया कि पार्टी से निकाले गए नेता एक दम सफेद झूठ बाले रहे है। आज पार्टी ने जब इन लोगों को निकाल दिया, तब यह लोग पार्टी पर आरोप लगा रहे ह,ै इससे पहले आरोप क्यों नहीं लगाए।