बिलारी विधानसभा सीट से बसपा के घोषित प्रत्याशी अनिल चौधरी का टिकट कट जाने की चर्चाएं सियासी गलियारों में घूम रही हैं। पार्टी के वरिष्ठ नेता ने इसकी पुष्टि भी की है। बसपा के एक कद्दावर नेता का कहना है कि करीब दस दिन पहले अनिल चौधरी का टिकट काट दिया गया है। पार्टी अब बिलारी सीट से किसी मुस्लिम नेता या सैनी बिरादरी के प्रत्याशी को चुनाव मैदान में उतारने का मन बना रही है।
पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मंजू चौधरी के पति अनिल चौधरी को 2012 में भी बसपा ने बिलारी सीट से अपना प्रत्याशी बनाया था। लेकिन चुनाव से महज एक माह पहले उनका टिकट काट दिया गया था। उस वक्त अनिल चौधरी ने बसपा को बॉय बोल दिया था और सपा में शामिल हो गए थे। लेकिन करीब डेढ़ साल पहले अनिल चौधरी ने सपा छोड़ दी और फिर से बसपा में शामिल हो गए। बसपा ने उन्हें बिलारी विधानसभा सीट से प्रत्याशी घोषित कर दिया।
अनिल चौधरी ने प्रचार शुरू कर दिया और तभी से क्षेत्र में भ्र्रमण अभियान चला रहे हैं। लेकिन एक बार फिर से चुनाव की दहलीज पर पहुंचते - पहुंचते बसपा ने अनिल चौधरी को झटका दे दिया है। बसपा के भरोसेमंद सूत्रों का कहना है कि अनिल चौधरी का टिकट दस दिन पहले काटा जा चुका है। पार्टी इस सीट से किसी सैनी नेता को उतार सकती है। पहले भी बिलारी से चुनाव लड़ चुके लाखन सिंह सैनी और दो मुस्लिम नेताओं का नाम फिलहाल चर्चाओं में है।
मुझे पार्टी ने अभी इस बारे में कोई सीधा संदेश नहीं दिया है। लेकिन अफवाहें मेरे कानों तक भी पहुंच रही हैं कि मेरा टिकट काट दिया गया है। जब तक पार्टी से सीधे कोई संदेश नहीं मिलता, मैं इन अफवाहों पर कोई विश्वास नहीं करता। मेरे साथ पहले भी ऐसा ही हुआ था, ऐन वक्त पर मेरा टिकट काट दिया गया था। भविष्य के कदम के बारे में पार्टी का फैसला औपचारिक रूप से मिलने के बाद ही टिप्पणी करूंगा। - अनिल चौधरी, बिलारी से बसपा प्रत्याशी।