नवनिर्वाचित मेयर विनोद अग्रवाल शपथ लेने से पहले ही शनिवार को मेयर की कुर्सी पर जा बैठे। विनोद कलेक्ट्रेट स्थित एनआईसी सभागार में चल रही केंद्रीय शहरी विकास मंत्री वैंकया नायडू की वीडियो कांफ्रेंसिंग में पहुंच गए। मेयर को अचानक वीडियो कांफ्रेंसिंग में देख नगर आयुक्त ने उन्हें अपनी कुर्सी उन्हें ऑफर कर दी। वीडियो कांफ्रेंसिंग में पूरे वक्त विनोद सेंट्रल चेयर पर बैठे रहे।
स्वच्छ भारत मिशन (एमबीएस नगरी) के तहत शनिवार को एनआईसी भवन में स्वच्छ सर्वेक्षण 2017 - किक आफ वर्कशाप का आयोजन किया गया। वर्कशाप में वीडियो कांफ्रेंस के जरिए केंद्रीय शहरी विकास मंत्री मंत्री वैंकेया नायडू ने नगर निगम के अधिकारियों को स्वच्छ सर्वेक्षण 2017 की गाइड लाइन से रूबरू कराया। साथ ही स्वच्छता एप और टोल फ्री नंबर जारी किया गया। उन्होंने अपने संबोधन में शहरों और गांवों में स्वच्छ बनाने के लिए कुछ निर्देश भी दिए।
वीडियो कांफ्रेंसिंग में महापौर और नगर निगम के अफसरों को मौजूद रहना था। लेकिन मेयर के शपथ ग्रहण नहीं करने की वजह से नगर आयुक्त की ओर से नवनिर्वाचित मेयर को वीडियो कांफ्रेंसिंग में आमंत्रित नहीं किया गया था।
एनआईसी के हॉल में तमाम अधिकारी वक्त से पहुंच गए थे। वीडियो कांफ्रेंसिंग शुरू होने ही वाली थी, उससे कुछ मिनट पहले अचानक नवनिर्वाचित मेयर विनोद अग्रवाल वहां पहुंच गए। बतौर मेयर वो पूरे वक्त यहां मौजूद रहे। अफसर असहज थे लेकिन कुछ बोल नहीं सके।
हालांकि बाद में नगर निगम की ओर से जारी की गई प्रेस रिलीज में विनोद अग्रवाल के नाम के साथ मेयर नहीं जोड़ा गया। इस बारे में विनोद अग्रवाल से बात करने की कोशिश की गई लेकिन उनकी कॉल रिसीव नहीं हुई।
मैंने नवनिर्वाचित मेयर को नहीं बुलाया था। किसी मातहत से उन्हें वीडियो कांफ्रेंसिंग की सूचना मिल गई हो तो अलग बात है। चूंकि वो निर्वाचित मेयर हैं लिहाजा उन्हें कुर्सी ऑफर करना शिष्टाचार का हिस्सा है। हालांकि तकनीकि रूप से अभी उन्हें सरकारी कार्यक्रम में हिस्सा नहीं लेना चाहिए, लेकिन दूसरी सच्चाई ये भी वह मेयर चुने गए हैं।
- संजय कुमार सिंह, नगर आयुक्त।