डंपर के बेकाबू पहियों ने रौंद दिए छात्र और परिवार के सपने
बीएससी छात्र उवेश आलम की मौत के बाद से परिजनों के आंसू थम नहीं रहे हैं। हादसे का पता चलते ही परिवार के अधिकांश सदस्य गांव से ठाकुरद्वारा सीएचसी पहुंच गए। परिवार में भाई शाने आलम, परवेज आलम, बहन तरन्नुम और तबस्सुम हैं। परिजनों ने बताया कि उवेश पढ़ लिखकर बड़ा आदमी बनना चाहता था। इसीलिए वह बीएससी की सामान्य पढ़ाई के साथ-साथ कोचिंग की मदद से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था।
भारीभरकम पहियों के जुट्टे की तेज टक्कर से उछलकर दूर जा गिरा था छात्र
हादसे के समय आसपास मौजूद लोगों ने बताया कि किसी को उम्मीद नहीं थी कि मुरादाबाद से ठाकुरद्वारा की ओर जा रहे डंपर के स्टपनी में इस्तेमाल होने वाले पहियों का जुट्टा एकाएक अलग हो जाएगा और डंपर जितनी रफ्तार से ही दौड़ेगा। अचानक यह सब होने से कुछ सेकेंड तक किसी की समझ में नहीं आया कि यह हुआ क्या। कोतवाल ने बताया कि अनुमान है कि हादसे के समय डंपर की रफ्तार 60 किमी प्रति घंटे के आसपास थी। एकाएक निकला पहियों को जोड़ा भी उसी रफ्तार से दौड़ा। भारीभरकम पहियों का जोड़ा 60 की स्पीड से टकराने के कारण बाइक चला रहा छात्र उछलकर दूर जा गिरा और उसकी जान चली गई।