मध्याह्न भोजन प्राधिकरण की ओर से बेसिक शिक्षा विभाग को 15 मई को एक पत्र भेजा गया था। इसमें बंगला गांव निवासी शिवसेना के कार्यकर्ता राजकुमार बाल्मिकी की शिकायत का जिक्र है। उन्होंने जिले के बेसिक शिक्षा विभाग के विद्यालयों में मिड डे मील में घोटाले का आरोप लगाया था।
इस मामले की जांच एडी बेसिक बुद्ध प्रिय सिंह ने बेसिक शिक्षा अधिकारी अजीत कुमार को सौंपी है। शिकायतकर्ता ने पत्र में कहा था कि मध्यान्ह भोजन योजना में बच्चों को भोजन आपूर्ति करने के नाम पर लाखों रुपये के फर्जी बिलों का भुगतान खंड शिक्षा अधिकारी, एनजीओ व माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्य के द्वारा किया गया है। शिकायत है कि अक्टूबर 2023 में छमाही परीक्षा और फरवरी-मार्च 2024 में वार्षिक परीक्षा तक यानी छह माह में लगभग 40 से 50 दिन माध्यमिक व सहायता प्राप्त स्कूलों में मिड-डे-मील का वितरण नहीं किया गया। जबकि फर्जी हाजिरी लगाकर धनराशि की बंदरबांट कर ली गई। इस मामले में के संबंध में एडी बेसिक ने बीएसए को जांच सौंपी है। साथ ही खंड शिक्षा अधिकारी से भी अभिलेख मांगे गए हैं।